नई दिल्ली- दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने केजरीवाल सरकार पर दिल्ली में पब्लिक ट्रांसपोर्ट सुधारने के नाम पर जनता को धोखा देने और एक विस्फोटक स्थिति के मुहाने पर लाकर खड़ा करने का आरोप लगाया है। बिधूड़ी ने कहा कि दिल्ली में 2013-14 में जब केजरीवाल सरकार सत्ता में आई थी, डीटीसी के बेड़े में 5223 बसें थीं। अब इन बसों की संख्या सिर्फ 3762 रह गई है। इस तरह करीब 25 फीसदी से ज्यादा बसें सडक़ों से हट चुकी हैं। इनमें से भी 2644 बसें ऐसी हैं जो अपनी 12 साल की उम्र भी पूरी कर चुकी हैं। दिल्ली में चल रही लो फ्लोर बसों की उम्र 12 साल या साढ़े सात लाख किलोमीटर की दूरी, जो भी पहले हो, तय की गई है। बाकी 1118 बसें भी जल्दी ही अपनी उम्र पूरी करने वाली हैं। इस तरह ये सारी बसें सडक़ों से हटने वाली हैं। इन बसों को सडक़ों पर चलाना इतना खतरनाक हो चुका है कि आए दिन इनमें आग लग रही है। बिधूड़ी ने कहा कि मुख्यमंत्री केजरीवाल और उनके मंत्री दिल्ली की जनता को भ्रम में डालते हुए कह रहे हैं कि हमने दिल्ली में बसों का बेड़ा 7 हजार से ऊपर कर दिया है जबकि सच्चाई यह है कि जितनी भी नई बसें सडक़ों पर आ रही हैं, वे सभी प्राइवेट ऑपरेटरों की बसें हैं। 2020 में आम आदमी पार्टी ने अपने मेनिफेस्टो में कहा था कि दिल्ली की सडक़ों पर 11 हजार बसें लाई जाएंगी लेकिन पिछले सात सालों में डीटीसी की सिर्फ दो इलेक्ट्रिक बसें पिछले एक महीने में सडक़ों पर आई हैं यानी 3762 बसें हटने वाली हैं और उनकी भरपाई के लिए सिर्फ 2 बसें लाई गई हैं।
