नई दिल्ली- कभी-कभी खामोशी सबसे ज्यादा परेशान कर देती है। सच हमेशा साफ नहीं होता, और कई बार लोग पूरी बात जाने बिना ही अपना फैसला सुना देते हैं। फिल्म ‘एक्यूज्ड’ ऐसी ही कहानी लेकर आई है, जो अब सिर्फ नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हो रही है। अनुभूति कश्यप द्वारा निर्देशित और धर्मा प्रोडक्शंस द्वारा निर्मित यह फिल्म एक गहरी सायकोलॉजिकल ड्रामा है। यह फिल्म दर्शकों को उस मुश्किल स्थिति में ले जाती है, जब किसी पर गंभीर आरोप लगते हैं। कहानी की मुख्य किरदार हैं डॉ. गीतिका सेन (कोंकणा सेन शर्मा), जो एक जानी-मानी स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं। लेकिन जब उनके कार्यस्थल पर यौन दुराचार के आरोप लगते हैं, तो उनकी ज़िंदगी धीरे-धीरे बिखरने लगती है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ती है और लोग अपनी- अपनी राय बनाने लगते हैं, उसका असर उनके निजी जीवन पर भी पड़ता है। खासकर मीरा (प्रतिभा रांटा) के साथ उनके रिश्ते और उनके विवाह पर इसका गहरा प्रभाव दिखाई देता है। यह फिल्म सनसनी फैलाने की कोशिश नहीं करती। इसके बजाय यह सच की उलझन, भावनाओं की कमजोरी और मन की बेचैनी को शांत और गहराई से दिखाती है। यह किसी एक फैसले की तरफ इशारा नहीं करती, बल्कि दर्शकों को खुद सोचने और समझने का मौका देती है। फिल्म की रिलीज़ पर बात करते हुए कोंकणा सेन शर्मा ने कहा,गीतिका एक ऐसी महिला है जो अपने काम, अपनी पहचान और अपनी दुनिया पर हमेशा भरोसा रखती है। लेकिन जब उस पर सवाल उठते हैं, तो अंदर से उसका टूटना मुझे बहुत गहराई से छू गया। मुझे खुशी है कि नेटफ्लिक्स ऐसी कहानी दर्शकों तक ला रहा है, जहां दिखावे से ज्यादा अभिनय और खामोशी की ताकत दिखाई गई है। प्रतिभा रांटा ने फिल्म के आज रिलीज़ होने पर अपनी खुशी जताते हुए कहा, मीरा का किरदार निभाना एक ऐसे उलझे हुए एहसास के साथ जीने जैसा था, जहां आप भरोसा करना चाहते हैं, लेकिन दिल पूरी तरह से यकीन नहीं कर पाता। मुझे अच्छा लगता है कि नेटफ्लिक्स महिलाओं की ऐसी सच्ची और जटिल कहानियां दिखा रहा है। आरोपी के नजरिए से दिखाई गई यह कहानी एक्यूज्ड दर्शकों को अपनी सोच और पहले से बनी राय पर विचार करने के लिए प्रेरित करती है। फिल्म खत्म होने के बाद भी इसके सवाल लंबे समय तक मन में बने रहते हैं। ताकत, नजरिया और शक की कीमत को दिखाती यह कहानी अब सिर्फ नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हो रही है।

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