नोएडा- उत्तर प्रदेश के छोटे से शहर चौबेपुर में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा भारत के प्रमुख एफएमसीजी ग्रुप्स में से एक आरएसपीएल ग्रुप ने अपने घड़ी साबुन और डिटर्जेंट बनाने वाले यूनिट में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाकर एक कदम उठाया है। घड़ी डिटर्जेंट प्लांट में अधिक से अधिक महिलाओं को रोजगार देने की दिशा में काम किया जा रहा हैं। पिछले दस महीनों में चौबेपुर यूनिट में महिलाओं की भागीदारी काफी बढ़ गई है और आज महिलाएं इस यूनिट के रोज़मर्रा के कामकाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। आर्थिक रूप से महिलाओं को सशक्त बनाने की सोच से शुरू हुई यह पहल अब संगठित रोजगार के अवसरों में बदल चुकी है। जिससे कई महिलाएं असंगठित क्षेत्र से निकलकर सुरक्षित और औपचारिक नौकरियों से जुड़ रही हैं, जहां उन्हें कानूनी लाभ भी मिल रहे हैं। इस पहल के बारे में बात करते हुए कुशलता ज्ञानचंदानी ने कहा, हमें यह देखकर बहुत खुशी हो रही है कि चौबेपुर प्लांट लगातार आगे बढ़ रहा है। हमारा उद्देश्य एक ऐसा कार्यस्थल बनाना था, जहाँ महिलाएं आरामदायक, आत्मविश्वासी और सशक्त महसूस करें। औपचारिक रोजगार और कानूनी सुविधाएं देकर हम न केवल अपने संचालन को मजबूत बना रहे हैं, बल्कि क्षेत्र में लंबे समय तक सकारात्मक सामाजिक बदलाव में भी योगदान दे रहे हैं। आज डिटर्जेंट डिवीजन में प्रतिदिन लगभग 360 मीट्रिक टन उत्पादन हो रहा है, जबकि केक डिवीजन में प्रतिदिन 173 मीट्रिक टन उत्पादन किया जा रहा है। यह सभी कामों में समय का सही इस्तेमाल, जिम्मेदारी की भावना और बढ़ती उत्पादकता को दर्शाता है। नई तकनीक और आसान संचालन को ध्यान में रखकर तैयार किये गए उत्पादन यूनिट के कारण महिलाओं के लिए काम करना अधिक सुविधाजनक और प्रभावी हो गया है।
