इंदौर- मध्यप्रदेश के खरगोन कस्बे में हुई सांप्रदायिक हिंसा पर टिप्पणी करते हुए दूसरे राज्य की एक मस्जिद की तस्वीर ट्वीट करने को लेकर कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह के खिलाफ इंदौर जिले में धार्मिक वैमनस्य फैलाने के आरोप में तीन आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। गौरतलब है कि विवादास्पद ट्वीट को लेकर सिंह के खिलाफ पिछले तीन दिन में भोपाल, ग्वालियर,जबलपुर,नर्मदापुरम और सतना में पांच प्राथमिकियां पहले ही दर्ज की जा चुकी हैं। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि इंदौर जिले के महू, किशनगंज और खुड़ैल के पुलिस थानों में सिंह के खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 153-ए धर्म के आधार पर दो समूहों के बीच वैमनस्य फैलाना, 295-ए किसी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के इरादे से जान-बूझकर किए गए विद्वेषपूर्ण कार्य, 465 जालसाजी और अन्य प्रावधानों के तहत प्राथमिकियां दर्ज की गईं। उन्होंने बताया कि ए मामले संबंधित क्षेत्रों के तीन नागरिकों की अलग-अलग शिकायतों पर दर्ज किए गए, जिन्होंने आरोप लगाया है कि सिंह ने किसी अन्य स्थान की तस्वीर को खरगोन के हालिया दंगों से जोडक़र सांप्रदायिक सद्भाव का माहौल खराब किया। खास बात यह है कि एक जैसे आरोपों वाले तीनों मामले राज्यसभा सांसद के खिलाफ उस वक्त दर्ज किए गए, जब वह इंदौर जिले के दौरे पर थे।विवादास्पद ट्वीट को लेकर राज्य में लगातार मामले दर्ज किए जाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने संवाददाताओं से कहा, भले ही पुलिस थानों में मेरे खिलाफ लाख-दो लाख मामले दर्ज करा दिए जाएं, लेकिन मैं आखिरी सांस तक भाईचारे की बात करता रहूंगा। उन्होंने प्रदेश की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, अगर भाजपा को भाईचारे की बात पसंद नहीं है तो इसमें मेरा नहीं, बल्कि भाजपा का दोष है। गौरतलब है कि हालिया ट्वीट में सिंह ने एक तस्वीर पोस्ट की थी जिसमें कुछ युवकों को एक मस्जिद पर भगवा झंडा फहराते हुए दिखाया गया था। उन्होंने इस तस्वीर के साथ खरगोन में रामनवमी के जुलूस के दौरान हुई सांप्रदायिक हिंसा का जिक्र किया था। बाद में उन्होंने ट्वीट से इस फोटो को डिलीट कर दिया था।