जयपुर- राज्य की सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी ने पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करवाने की मांग को लेकर इस परियोजना से लाभान्वित होने वाले 13 जिलों के जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसे प्रधानमंत्री की वादा खिलाफी के विरोध में प्रदर्शन बताया। गहलोत ने ट्वीट किया, राजस्थान कांग्रेस के आह्वान पर आज अजमेर, जयपुर, दौसा, करौली, सवाई माधोपुर, झालावाड़, बारां, कोटा, बूंदी, टोंक, अलवर, भरतपुर और धौलपुर में ईआरसीपी को लेकर कांग्रेस प्रदर्शन कर रही है। यह प्रदर्शन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वादाखिलाफी के विरोध में है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी को संबोधित कर दिए अपने ट्वीट में लिखा, प्रधानमंत्री जी आपने 2018 में चुनाव से पूर्व कहा था कि ईआरसीपी से 13 जिलों में रहने वाली राज्य की 40ञ् जनता को पीने का मीठा पानी और किसानों को सिंचाई जल मिल सकेगा लेकिन तीन साल बीत जाने के बावजूद केन्द्र सरकार ने इसे राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा नहीं दिया। उन्होंने कहा कि जब दूसरे राज्यों में चल रही 16 परियोजनाओं को राष्ट्रीय परियोजना बनाया जा सकता है तो राजस्थान जैसे मरुस्थलीय तथा गहराते जलस्तर एवं बिना बारहमासी नदियों के राज्य की इस जल परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित ना करना हर किसी के समझ के परे है। मुख्यमंत्री ने पूछा कि आखिर राजस्थान के साथ केन्द्र सरकार भेदभाव क्यों कर रही है। जयपुर शहर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्री सर्किल पर प्रदर्शन किया। इस अवसर पर जलदाय मंत्री महेश जोशी ने इस मुद्दे पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से इस्तीफा मांगा और कहा कि केंद्र सरकार ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा दे। जोशी ने कहा, ईआरसीपी राजस्थान को राष्ट्रीय परियोजना के रूप में मिलनी चाहिए। यह राजस्थान की जनता का हक है। प्रधानमंत्री खुद आश्वासन दे चुके हैं। इसके साथ ही जोशी ने कहा कि इस मामले में अब दो ही बातें बची हैं, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत इस्तीफा दें व केंद्र सरकार ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा दे।