कोलकाता- आलिया विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति मोहम्मद अली यादवपुर विश्वविद्यालय लौट आए हैं और खुश हैं। अली के साथ तृणमूल कांग्रेस की छात्र इकाई के एक बर्खास्त नेता और उसके साथियों ने दुर्व्यवहार किया था और धमकी दी थी।अली चार साल पहले जेयू से आलिया विश्वविद्यालय गए थे। आलिया विश्वविद्यालय अल्पसंख्यक मामले और मदरसा शिक्षा विभाग के अधीन स्वायत्त संस्थान है। अली ने कहा जेयू में रसायन विज्ञान विभाग में लौटकर खुश और राहत महसूस कर रहा हूं। विभाग में लौटने के बाद अली अनुसंधान परियोजनाओं और शिक्षण कार्य में व्यस्त हैं। उन्होंने कहा कि वह चार साल की अवधि पूरी होने के बाद आलिया के कुलपति के रूप में अपना कार्यकाल नहीं बढ़ाना चाहते और उन्होंने कुछ दिन पहले राज्य सरकार को आधिकारिक रूप से इसकी सूचना दे दी थी। वह एक अप्रैल की घटना के बाद अपना सामान लेने के लिए केवल एक बार आलिया विश्वविद्यालय गए। जब उनसे पूछा गया कि क्या आलिया विश्वविद्यालय छोडऩे के बाद छात्रों और शिक्षकों में से किसी ने उनसे संपर्क किया तो उन्होंने कहा, हां, एक-दो लोगों ने मेरे बारे में पूछा। और किसी ने नहीं। आलिया विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र गियासुद्दीन मंडल और उसके साथियों ने एक अप्रैल को अली के कक्ष में घुसकर धमकियां दीं और बदसलूकी की। उसने मांग की कि पीएचडी पाठ्यक्रम के लिए जारी नामों की सूची को हटाया जाए और नई सूची में उसके सुझाए नाम जोड़े जाएं। घटना का वीडियो फुटेज सोशल मीडिया पर जारी हो गया और बाद में मंडल को गिरफ्तार कर लिया गया। मंडल को 2018 में एक विवाद में शामिल रहने पर तृणमूल कांग्रेस छात्र परिषद से निकाल दिया गया था। पश्चिम बंगाल मदरसा शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष अबू ताहिर कमरुद्दीन को आलिया विश्वविद्यालय का अंतरिम कुलपति नियुक्त किया गया है।