नई दिल्ली-आगामी महावीर जयंती को जयंति के रुप में नहीं, बल्कि महावीर जन्म कल्याणक के रुप में मनाया जाए। इस पावन दिन में मांस-मंदिरा की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध हो एवं सरकारी अवकाश घोषित हो। यह मांग मनोज जैन, भगवान महावीर देशना फाउंडेशन ने पीएम को पत्र लिखकर किया। जैन ने पीएम को लिखे पत्र में अनुरोध किया है कि जैन धर्म के 24वें तीर्थकर भगवान महावीर स्वामी के 2621 जन्म जयंति को महावीर जन्म कल्याणक के रुप में मनाया जाए। जैन परंपराओं और संस्कृति के अनुसार जन्म कल्याणक का प्रयोग ज्यादा समीचीन है। इसके पीछे तर्क यह यह कि जैनधर्म के शास्त्रो, परंपरा में तीर्थकरों के जन्म कल्याणक मनाए जाते हैं। इसके अनुसार तीर्थकरों के पांच कल्याणक गर्भ, जन्म, तप, केवल ज्ञान और मोक्ष के समय मनाने का शास्त्रीय प्रावधान है। हिंदु परंपरा में भी भगवान विष्णु के राम और कृष्ण के रुप में अवतार हुए हैं, जन्म का प्रयोग करना उनके लिए उपयुक्त नहीं है। कई बार विभागीय अधिकारियों विशिष्ट धार्मिक समूहों की धार्मिक परंपराओं सें संबद्ध इन बारीकियों को नहीं समझ पाते हैं और उनसे इस तरह की भूल हो जाती है।
