पटना- बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य विधानपरिषद के हालिया द्विवार्षिक चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के कई उम्मीदवारों की हार पर आश्चर्य जताया। हालांकि, मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव परिणामों से राज्य विधानमंडल के उच्च सदन में राजग सदस्यों की संख्या घटना सत्तारूढ़ गठबंधन के लिए चिंता कोई विषय नहीं है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इसका अगले हफ्ते होने वाले बोचहा विधानसभा उपचुनाव पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, जहां वह भाजपा उम्मीदवार की जीत को लेकर आश्वस्त हैं। जनता दल यूनाइटेड के वरिष्ठ नेता कुमार ने संवाददाताओं से कहा, विधानपरिषद चुनाव ऐसा नहीं है जिसमें उम्मीदवारों को लोग प्रत्यक्ष रूप से चुनते हैं। हालांकि, मैं यह देखकर आश्चर्यचकित हूं कि जीत के प्रति काफी आश्वस्त नजर आ रहे उम्मीदवार हार गए। विधानपरिषद की 24 सीटों पर हुए हालिया चुनाव में राजग के 13 उम्मीदवार विजई हुए। इनमें भारतीय जनता पार्टी को सात सीटों पर जीत मिली जबकि मुख्यमंत्री की पार्टी जदयू के खाते में पांच सीटें आईं। केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस की लोक जनशक्ति पार्टी को एक सीट पर जीत मिली हालांकि, जब भाजपा नीत गठबंधन में जदयू शामिल नहीं था और 2015 में चुनाव हुए थे तब राजग ने इनमें से कुल 20 सीटों पर जीत दर्ज की थी। मुख्यमंत्री ने भी इस तथ्य को रेखांकित किया। पिछला विधानपरिषद चुनाव, कुमार की पार्टी ने राष्ट्रीय जनता दल राजद के साथ मिलकर लड़ा था, उस वक्त दोनों पार्टियां महागठबंधन में शामिल थीं।कुमार ने पिछले विधानपरिषद चुनाव का जिक्र करते हुए कहा,भाजपा ने उस वक्त अच्छा प्रदर्शन किया था जब हम अलग-अलग गठबंधन में थे। इसलिए, ए चीजें हुआ करती हैं। भाजपा ने 12 सीटें जीती थी जबकि जदयू ने आठ सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि राजद को केवल दो सीटों पर ही जीत मिल सकी थी। कुमार ने कहा कि वह राजग उम्मीदवार के पक्ष में चुनाव प्रचार करने के लिए रविवार को बोचहा जाएंगे। यह उपचुनाव विधायक मुसाफिर पासवान का निधन हो जाने के चलते कराने की जरूरत पड़ी हैं। उपचुनाव में उनके बेटे अमर पासवान राजद उम्मीदवार हैं। भाजपा ने बेबी कुमारी को उम्मीदवार बनाया है,जो 2015 में इस सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर विजई हुई थीं। वहीं, विकासशील इंसान पार्टी के प्रमुख मुकेश सहनी ने गीता देवी को पार्टी का टिकट दिया है जो पूर्व मंत्री रमई राम की बेटी हैं।