नई दिल्ली- कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने आज पूर्वी दिल्ली के सैनी एनक्लेव में आयोजित एक भव्य हिन्दू सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि हिंदुओं को जाति के कोढ़ से अपने को बाहर निकालना होगा। उन्होंने कहा कि राम और राष्ट्र के सवाल पर कोई समझौता नहीं होगा। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि वे अच्छी नहीं, सच्ची बात कहने आए हैं। उन्होंने भारत के अतीत को गौरवशाली और वर्तमान को शक्तिशाली बताया। सनातन पर जोर देकर कहा कि जब तक सनातन है, तब तक भारत है। आरएसएस की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि राम और राष्ट्र के नाम पर समझौता नहीं हो सकता। इस अवसर पर उपस्थित विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सुशील तिवारी, सुरेन्द्र गंभीर और उनके साथियों ने इतने भव्य स्तर पर इस हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया है। इस हिन्दू सम्मेलन के आयोजन से जुड़े हुए आर्य समाज के प्रखर नेता सुरेन्द्र गंभीर ने कहा कि इन सम्मेलनों का लक्ष्य है एक सशक्त, संगठित हिंदू पहचान का निर्माण। कई स्थानों पर उपस्थित जनसमूह ने सामूहिक संकल्प लिया कि जात-पात के भेदभाव को मिटाकर पहले हिंदू होने का गौरव अपनाया जाए। यह प्रवृत्ति केवल दिल्ली तक सीमित नहीं, बल्कि आरएसएस के शताब्दी वर्ष में देशव्यापी अभियान का हिस्सा प्रतीत होती है, जिसमें एक लाख से अधिक ऐसे सम्मेलनों की योजना है। सम्मेलन के दौरान वक्ताओं का कहना था कि जब तक हिंदू समाज जाति के नाम पर आपस में लड़ता रहेगा, तब तक राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक सुरक्षा का सपना अधूरा ही रहेगा।
