नई दिल्ली-प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने निगम और दिल्ली पुलिस को रोहिंग्या-बांग्लादेशियों द्वारा किए गए अवैध अतिक्रमण पर बुल्डोजर चलाने के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि यह पहली बार नहीं है जब निगम द्वारा जहांगीरपुरी में अतिक्रमण को गिराया गया है। निगम द्वारा हमेशा से ही अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई होती रही है। यह निगम का रूटीन कार्य है। गुप्ता ने कहा कि निगम कभी भी किसी विशेष धर्म या जाति को टारगेट नहीं करता बल्कि वह अवैध निर्माण को गिराने का काम करता रहा है। आज आम आदमी पार्टी इसलिए बौखला गई है क्योंकि जहांगीरपुरी में इसके निगम पार्षद एवं विधायक के संरक्षण में जो रोहिंग्या.बांग्लादेशी रह रहे थे, जो अब बेनकाब हो चुके हैं । आदेश गुप्ता ने कहा कि आज वह समय है जब हमें पहचानने की जरूरत है कि आखिर कौन वो लोग हैं जो रोहिंग्या.बांग्लादेशियों द्वारा अवैध निर्माण को बचाने के लिए उच्चतम न्यायालय तक चले गए। आम आदमी पार्टी, कांग्रेस एवं समूचा विपक्ष आज उन दंगाइयों को बचाने का काम कर रहा है जो निहत्थे और निर्दोष हनुमान भक्तों पर बंदूक एवं तलवार से वार करते हैं। उन्होंने कहा कि जब पुलिस पर पत्थर फेंके जाते हैं तब विपक्ष खामोश क्यों रहता है। आदेश गुप्ता ने कहा कि जिस अंसार ने शोभायात्रा पर बंदूक एवं तलवार से हमला करवाया उस अंसार को आम आदमी पार्टी आज अपनी पोल खुलने के डर से भाजपा का बता रही है जबकि सच्चाई ये है कि आप सांसद संजय सिंह ने खुद उस अंसार को आम आदमी पार्टी में शामिल किया था। उन्होंने कहा कि आज बांग्लादेशियों.रोहिंग्या पर बुल्डोजर चलने पर जो वकील उच्चतम न्यायालय चले गए, ये वही हैं जिन्होंने राम मंदिर बनने का विरोध किया था एवं राम पर सवाल खड़े किए थे। राम मंदिर बनने का विरोध करने वाली वही संस्थान है जो दिल्ली पंजाब, उत्तराखंड में आम आदमी पार्टी को समर्थन करती है। आदेश गुप्ता ने कहा कि आज आम आदमी पार्टी के नेता कह रहे हैं कि रमजान के महीने में इस तरह की कार्रवाई नहीं होनी चाहिए, लेकिन रमजान के महीने में तलवार और बंदूकों से निहत्थे हनुमान भक्तों एवं पुलिस के जवानों पर जानलेवा हमला करना किस धर्म में लिखा गया हैं। दंगाइयों का कोई धर्म नहीं होता है और उनको उनकी ही भाषा में जवाब देना उचित है। उन्होंने कहा कि बंगाल से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बांग्लादेशियों को भारत में आने की अनुमति देती है और फिर केजरीवाल उन रोहिंग्या.बांग्लादेशियों को मुफ्त राशन, बिजली, पानी देकर उन्हें शरण देते हैं।