नई दिल्ली – शुक्रा फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड ने आज भारत में अत्याधुनिक सर्जिकल रोबोटिक्स तकनीक लाने के लिए बॉर्न्स मेडिकल रोबोटिक्स इंक के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। नई दिल्ली में हुए एक कार्यक्रम में इस साझेदारी को औपचारिक रूप दिया गया, इसके तहत वीर सर्जिकल रोबोट को प्रस्तुत किया जाएगा; जो की एक एआई-संचालित सर्जिकल प्लैटफॉर्म है, जिसे लाखों भारतीयों के लिए उन्नत हैल्थकेयर टेक्नोलॉजी को सुलभ बनाते हुए सटीकता, सुरक्षा और रोगी परिणामों में अभिवृद्धि हेतु डिज़ाइन किया गया है। शुक्रा लिमिटेड की सीईओ और ग्लोबल हैड डॉ. मीनाक्षी लाते ने इस पहल के राष्ट्रीय महत्व पर बल देते हुए कहा, बॉर्न्स के साथ हमारा संयुक्त उद्यम भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक योगदान है। हमारा प्रयास उन रोगियों के लिए इसे किफायती व सुलभ बनाना होगा जो इस तकनीक के सबसे अधिक हकदार हैं, खासकर उन इलाकों में जहां सर्जरी की पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। बॉर्न्स मेडिकल रोबोटिक्स इंक. के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अलेक्जेंडर टी. टीचमैन ने इस साझेदारी के व्यापक दृष्टिकोण को रेखांकित करते हुए कहा, यह संयुक्त उद्यम बॉर्न्स के अत्याधुनिक एआई-संचालित रोबोटिक्स को शुक्रा के दृष्टिकोण एवं बाजार-पहुंच के साथ जोड़ता है। हम मिलकर सर्जनों को सशक्त कर रहे हैं, परिणामों को मानकीकृत बना रहे हैं, तथा पूरे भारत व एशिया में स्केलेबल हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण कर रहे हैं: किफायती, सुलभ एवं उच्च-सटीक सर्जरी के एक नए युग की शुरुआत कर रहे हैं। शुक्रा फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड के चेयरमैन व प्रबंध निदेशक दक्षेश शाह ने कहा, प्रत्येक भारतीय सर्वोत्तम हैल्थकेयर टेक्नोलॉजी तक पहुंच का हकदार है। हमारा उद्देश्य भारत में किफायती कीमतों पर विश्व स्तरीय तकनीक उपलब्ध कराना है। बॉर्न्स मेडिकल रोबोटिक्स के साथ इस साझेदारी के जरिए हम उन्नत सर्जिकल उपचार को लोकतांत्रिक बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठा रहे हैं और यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि अत्याधुनिक रोबोटिक सर्जरी अब केवल मेट्रो शहरों या प्रीमियम अस्पतालों तक ही सीमित न रहें। मैक्स इंस्टीट्यूट ऑफ रोबोटिक सर्जरी, पटपड़गंज के निदेशक व प्रमुख डॉ. विवेक बिंदल, जो इस तकनीक का परीक्षण करने वाले पहले सर्जनों में से थे, ने कहा, रोबोटिक सर्जरी ने सर्जिकल उपचार में क्रांति ला दी है, लेकिन उच्च लागत और सीमित उपलब्धता के कारण इस तक पहुंच सीमित बनी हुई है। वीर जैसे नेक्स्ट-जैनरेशन प्लैटफॉर्म की शुरुआत एक परिवर्तनकारी तबदीली का प्रतीक है। सिंगल-पोर्ट सर्जरी, एआई-संचालित सुरक्षा फीचर्स और उन्नत सूक्ष्म-उपकरणों जैसी क्षमताओं के साथ, अब हम इस तकनीक के लोकतंत्रीकरण को देख रहे हैं। इसका मतलब है पूरे भारत में बड़े पैमाने पर रोगियों के लिए उच्च-गुणवत्ता वाली न्यूनतम इनवेसिव प्रक्रियाएं अधिक सुलभ और सस्ती हो गई हैं। इससे सर्जनों को सशक्त बनाया जा रहा है और उन लोगों के लिए परिणामों में सुधार किया जा रहा है, जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है।
