तिरुवनंतपुरम – केरल के मुख्यमंत्री श्री पिनराई विजयन ने तिरुवनंतपुरम के निशागंधी ऑडिटोरियम में आयोजित भव्य समारोह में डॉ. रवि पिल्लै अकादमिक उत्कृष्टता छात्रवृत्ति का वितरण किया। कार्यक्रम में आर.पी. ग्रुप के चेयरमैन डॉ. रवि पिल्लै सहित राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। रवि पिल्लै फाउंडेशन द्वारा स्थापित इस छात्रवृत्ति योजना के तहत माध्यमिक शिक्षा से लेकर व्यावसायिक कॉलेज स्तर तक के मेधावी लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को सहायता प्रदान की जाएगी। फाउंडेशन ने अगले 50 वर्षों के लिए इस योजना हेतु 525 करोड़ की राशि निर्धारित की है। हर वर्ष 1,501 छात्रों को छात्रवृत्ति दी जाएगी। इस वर्ष 10 करोड़ की राशि वितरित की जा रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा, “यह छात्रवृत्ति देश की सबसे बड़ी छात्रवृत्ति है और इस तरह की पहल हमारे बच्चों को प्रौद्योगिकी और नवाचार की नई दुनिया की ओर मार्गदर्शन करेगी। बच्चों को चाहिए कि वे इस सहयोग का सही उपयोग करें, बड़े लक्ष्य निर्धारित करें और ऊँची उड़ान भरें।” उन्होंने केरल की शिक्षा व्यवस्था में आए बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा कि एक समय पिछड़े वर्गों के बच्चों को स्कूलों में प्रवेश तक नहीं दिया जाता था, जबकि आज राज्य के छात्र हाई-टेक कक्षाओं में अध्ययन कर रहे हैं। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय डॉ. रवि पिल्लै जैसे समाजसेवियों को दिया। डॉ. रवि पिल्लै ने कहा,छात्र किसी भी समाज का भविष्य होते हैं। यदि उनका भविष्य सुरक्षित है, तो देश का भविष्य भी सुरक्षित है। अकादमिक उत्कृष्टता छात्रवृत्ति इसी विचार की पूर्ति है। जब छात्र सफलता प्राप्त करते हैं, तो उनके माता-पिता भी गौरवान्वित होते हैं। यह जानकर मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि इस छात्रवृत्ति को प्राप्त करने वाले 80 प्रतिशत विद्यार्थी लड़कियाँ हैं, उन्होंने यह भी घोषणा की कि अगले वर्ष से 20 प्रतिशत छात्रवृत्तियाँ अनिवासी भारतीयों (एनआरआई) के बच्चों के लिए आरक्षित की जाएँगी। छात्रवृत्ति का विवरण.योजना के तहत उच्च माध्यमिक स्तर पर 1,100 छात्रों को प्रत्येक 50,000 की सहायता दी जाएगी। स्नातक स्तर पर 200 छात्रों को 1,00,000 और स्नातकोत्तर स्तर पर 200 छात्रों को 1,25,000 की छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। उच्च माध्यमिक श्रेणी में केवल प्लस-वन के छात्र आवेदन कर सकते हैं। स्नातक छात्रवृत्ति के लिए प्रथम एवं द्वितीय वर्ष के छात्र पात्र हैं, जबकि स्नातकोत्तर श्रेणी में नियमित योजना के अंतर्गत द्वितीय वर्ष के छात्र आवेदन कर सकते हैं। जिन छात्रों ने अपने माता-पिता को खो दिया है, जिनके माता-पिता गंभीर रूप से बीमार हैं, अथवा जिन्होंने राज्य स्तर पर कला और खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, उन्हें विशेष ग्रेस मार्क्स दिए जाएंगे। प्रत्येक श्रेणी में 20 प्रतिशत छात्रवृत्तियाँ प्रवासी मलयाली बच्चों के लिए और 5 प्रतिशत दिव्यांग छात्रों के लिए आरक्षित हैं। जिन परिवारों की वार्षिक आय 2.5 लाख से कम है, ऐसे मेधावी छात्र आवेदन के पात्र हैं। डॉ. रवि पिल्लै फाउंडेशन इस परियोजना को राज्य सरकार की एजेंसी नोरका रूट्स के सहयोग से लागू कर रहा है। इस वर्ष हजारों आवेदनों में से गठित विशेष समिति ने 1,501 योग्य छात्रों का चयन किया। यह पहल न केवल आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को संबल देगी, बल्कि केरल की शिक्षा व्यवस्था को और सशक्त बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
