नई दिल्ली – स्पिनी, भारत में सैकण्ड हैण्ड कारों के अग्रणी फुल-स्टैक प्लेटफॉर्म, को टाईम एवं स्टेस्टि द्वारा ‘इंडियाज़ फास्टेस्ट-ग्रोइंग कंपनीज़ 2026’ में रैंक 1 दिया गया है। यह रैंकिंग उन कंपनियों को दी जाती है जिन्होंने कई सालों की मूल्यांकन अवधि के दौरान राजस्व में ज़बरदस्त विकास और बिज़नेस में लगातार अच्छा परफोर्मेन्स दिया हो। यह रैकिंग स्पिनी के संरचित फुल-स्टैक मॉडल की क्षमता तथा भारत के सैकण्ड हैण्ड कार मार्केट में बेहतर नियोजन एवं जवाबदेहिता को बढ़ावा देने में इसकी भूमिका को दर्शाती है। पिछले दशक के दौरान सिपनी ने एक ऐसी कैटेगरी को औपचारिक बनाया है, जिसका संचालन आमतौर पर खंडित एवं असंगठित चैनलों द्वारा किया जाता रहा है। इंस्पैक्शन के मानक प्रोटोकॉल्स, संरचित रीफर्बिशमेन्ट सिस्टम, पारदर्शी कीमत निर्धारण और उपभोक्ता की सुरक्षा को सुनिश्चित करने वाली पॉलिसियों के साथ कंपनी ने सैकण्ड हैण्ड कारों के लेनदेन में गुणवत्ता और भरोसे के स्पष्ट बेंचमार्क स्थापित किए हैं। स्पिनी उन शुरूआती प्लेयर्स में से एक है जो बड़े पैमाने पर 200+ पॉइंट का इंस्पेक्शन, 5 दिनों की मनी बैक गारंटी और 3 साल की व्यापक वारंटी लेकर आई। ये पॉलिसियां उपभोक्ताओं की सुरक्षा के ऐसे मानक स्थापित करती हैं, जो पहले इस कैटेगरी में सीमित थे। कंपनी का असेट-हैवी मॉडल प्रोक्योरमेन्ट, सर्टिफिकेशन, रीटेल और आफ्टस सेल्स सपोर्ट को एक ही कंट्रोल्ड सिस्टम में लाकर जवाबदेहिता को सुनिश्चित करता है। कस्टमर ट्रांजै़क्शन के दायरे से आगे बढ़कर, स्पिनी ने फिज़िकल एक्सपीरिएंस सेंटरों, रीफर्बिशमेन्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर के निर्माण, टेक्नोलॉजी-लैड प्राइस डिस्कवरी और इन्वेंटरी मैनेजमेन्ट सिस्टम में निवेश कर ऑटोमोटिव रीटेल को संगठित बनाने में योगदान दिया है। स्पिनी का यही दृष्टिकोण वैल्यू चेन में ज़्यादा पारदर्शिता लेकर आया। स्पिनी हर साल 2 लाख से अधिक कारों के लेनदेन को सक्षम बनाती है, तथा आपूर्ति, गुणवत्ता एवं कीमतों में पारदर्शिता के साथ उपभोक्ताओं को बेहतर अनुभव प्रदान करती है। कंपनी लगातार सिस्टम को मजबूत बनाने पर ध्यान दे रही है, ताकि इस कैटेगरी में अनिश्चितता को कम कर विकास को बढ़ावा दिया जा सके।यह रैंकिंग ऐसे समय में मिली है, जब स्पिनी ने अपने संचालन के दस साल पूरे कर लिए हैं। यह रैंकिंग प्रक्रिया, इन्फ्रास्ट्रक्चर और गवर्नेन्स फ्रेमवर्क में निवेश के एक दशक को दर्शाती है, जो भारत में सैकण्ड हैण्ड कारों के अधिक संरचित एवं भरोसेमंद इकोसिस्टम के निर्माण में योगदान दे रहा है। स्पिनी अपनी फुल-स्टैक क्षमता को बढ़ाने तथा भारत के सैकण्ड-हैण्ड ऑटोमोटिव मार्केट के औपचारीकरण को समर्थन प्रदान करते रहने के लिए प्रतिबद्ध है।

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