नई दिल्ली- केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने आज फरीदाबाद में भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को) के नवनिर्मित अत्याधुनिक सहायक उत्पादन केंद्र का भव्य उद्घाटन किया। इस अवसर पर केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री श्री कृष्ण पाल गुर्जर और दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की अतिरिक्त सचिव श्रीमती मनमीत कौर नंदा, संयुक्त सचिव, राजीव शर्मा और एलिम्को सीएमडी, श्री प्रवीण कुमार ,मनोज त्रिपाठी , शशि त्रिपाठी , अजय चोधरी , पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। उद्घाटन के पश्चात, माननीय मंत्रियों और विशिष्ट अतिथियों ने उत्पादन इकाई का विस्तृत अवलोकन किया और वहां स्थापित अत्याधुनिक एस एम टी (सर्फेस माउंट टेक्नोलॉजी) चिप मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का गहन निरीक्षण किया। भारत में ही इन चिप्स का निर्माण करना दिव्यांगजनों के सहायक उपकरणों के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को सिद्ध करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है, जो आयात पर निर्भरता कम कर स्वदेशी तकनीक को बढ़ावा देगा। समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने कहा कि यह केंद्र केवल एक विनिर्माण इकाई नहीं है, बल्कि दिव्यांगजनों के सम्मान और स्वावलंबन का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि थ्रीडी प्रिंटिंग और स्वदेशी एस एम टी चिप निर्माण जैसी तकनीकों के माध्यम से अब भारत अंतरराष्ट्रीय स्तर के सहायक उपकरण अपने ही देश में तैयार कर रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह इकाई न केवल हरियाणा, बल्कि पूरे उत्तर भारत के दिव्यांगजनों के लिए जीवन रक्षक सिद्ध होगी और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में सहायक बनेगी।केंद्रीय राज्य मंत्री श्री कृष्ण पाल गुर्जर ने प्रशासनिक सुधारों की सराहना करते हुए कहा कि बेहतर प्रबंधन और कार्य-कुशलता के कारण विभाग का बजट अब पहले के मुकाबले कई गुना बढ़ गया है, जिससे विकास कार्यों में अभूतपूर्व तेजी आई है। उन्होंने फरीदाबाद की औद्योगिक महत्ता का जिक्र करते हुए कहा कि प्रिंटिंग और मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में भारत की प्रगति के साथ यह नया केंद्र इस क्षेत्र को तकनीकी रूप से और अधिक सशक्त बनाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यहाँ से तैयार आधुनिक उपकरण दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने में मददगार साबित होंगे। एलिम्को के सीएमडी श्री प्रवीण कुमार ने अपने संबोधन में माननीय अतिथियों का स्वागत करते हुए स्पष्ट किया कि निगम अब नई कार्य-संस्कृति और आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग तकनीकों के साथ देश को इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद से मिले प्रशासनिक सहयोग, अतिरिक्त सचिव श्रीमती मनमीत कौर नंदा जी के निरंतर मार्गदर्शन और बढ़ते बजट ने एलिम्को को नई ऊर्जा दी है, जिससे हम दिव्यांगजनों की सेवा बेहतर ढंग से कर पा रहे हैं। कार्यक्रम के अंतिम चरण में, मुख्य अतिथियों द्वारा क्षेत्र के दिव्यांगजनों को अत्याधुनिक सहायक उपकरणों का वितरण किया गया। इन उपकरणों में मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल, आधुनिक व्हीलचेयर और अन्य कृत्रिम अंग शामिल थे। इस वितरण समारोह के माध्यम से उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों के लाभार्थियों को सुगमता से उच्च गुणवत्ता वाले उपकरण प्राप्त हुए।

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