नई दिल्ली – 40 की उम्र पार करने के बाद आमतौर पर भारतीय महिलाओं की जिंदगी रोजमर्रा के कामकाज और परिवार तक सीमित हो जाती है, लेकिन उत्तराखंड की किरण देवली उनियाल ने इस धारणा को तोड़ दिया है। 53 वर्षीय किरण उनियाल भारत की पहली महिला हैं, जिनके नाम सबसे ज़्यादा मार्शल आर्ट्स वर्ल्ड रिकॉर्ड हैं। किरण के खाते में मार्शल आर्ट्स, फिटनेस और सोशल वर्क में 84 वर्ल्ड रिकॉर्ड हैं, जिनमें 18 गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड शामिल हैं। मार्शल आर्ट्स में स्पीड स्ट्राइक और किक में उनके नाम 74 वर्ल्ड रिकॉर्ड हैं, जिनमें 15 गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड भी हैं। उनके तीन गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड जो अभी भी बरक़रार है वो है, एक घंटे में पंच 28,234; दोनों हाथों में 1 किलो डम्बल के साथ 1 मिनट पंच 590; 1 किलो डम्बल के साथ एक हाथ से पंच 1 मिनट, 347। पैतृक रूप से रुद्रप्रयाग, विवाह के बाद सकनौली गाँव, पौडी निवासी और वर्तमान में दिल्ली में निवास कर रहीं किरण उनियाल का मार्शल आर्ट्स में आना शुरू में पर्सनल फिटनेस और सेल्फ-प्रोटेक्शन की इच्छा से हुआ था। हालांकि, यह पर्सनल खोज जल्द ही इंस्पायर करने और इम्पावर करने के एक बड़े मिशन में बदल गई। रिकॉर्ड बनाने के लिये उन्होंने स्टैमिना, स्पीड और स्किल पर काम किया। पूर्ण रूप से शाकाहारी किरण आज भी रोजाना तीन से चार घंटे मार्शल आर्ट की प्रैक्टिस करती हैं। मार्शल आर्ट्स के प्रति अपने डेडिकेशन के ज़रिये, वह स्पोर्ट्स, फिटनेस और सबसे ज़रूरी, सेल्फ-डिफेंस में इसकी अहमियत को सपोर्ट करती हैं। अब किरण बच्चों, लड़कियों और महिलाओं के लिए एक प्रेरणा हैं। वे चाहती हैं कि हर महिला सेल्फ डिफेंस सीखे और खुद को सशक्त बनाए, ताकि किसी भी असुरक्षित स्थिति का मुकाबला करने में सक्षम हो। मार्शल आर्ट्स में किरण उनियाल का हर स्ट्राइक और अचीवमेंट सिर्फ फिजिकल पावर का शो नहीं है, बल्कि महिलाओं के इम्पावरमेंट और काबिलियत का एक पावरफुल स्टेटमेंट है। किरण ने ताइक्वांडो में ब्लैक बैल्ट थर्ड डैन हासिल करने के अलावा इजराइली युद्ध कला ‘क्राव मागा’ और मार्शल आर्ट की कई विधाएं सीखीं हैं। वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने और मार्शल आर्ट में कामयाबी पाने के सफ़र में किरण के पति कर्नल सुनील कुमार उनियाल (रिटायर्ड) हमेशा उनका हौसला बढ़ाते रहे हैं। सुनील उनियाल खुद एक फिटनेस फ्रीक और मैराथन रनर हैं। मौजूदा समय में किरण मार्शल आर्ट्स मोटिवेटर, प्रैक्टिशनर और सोशल वर्कर की भूमिका निभा रही हैं। फिटनेस, सेल्फ-डिफेंस और स्पोर्ट्स के लिए वे मार्शल आर्ट्स को बढ़ावा देती हैं। जैसे-जैसे किरण उनियाल अपना रास्ता बनाती जा रही हैं, वह प्रेरणा और पावर का सोर्स बनी हुई हैं। उनकी कहानी सिर्फ उनके बनाए रिकॉर्ड के बारे में नहीं है; यह उन सामाजिक नियमों के बारे में है, जिन्हें वह चैलेंज करती हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बड़ा उदाहरण छोड़ जाती हैं।

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