नई दिल्ली- डेयरी उद्यमिता के माध्यम से ग्रामीण भारत को सम्पन्न बनाने के उद्देश्य से, इंडियन डेयरी एसोसिएशन (उत्तरी क्षेत्र) 12 से 14 फरवरी 2026 तक यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर में 52वें डेयरी उद्योग सम्मेलन (डीआईसी) का आयोजन कर रहा है। यह प्रतिष्ठित मंच भारत के डेयरी क्षेत्र में उभरते अपार व्यावसायिक अवसरों को प्रदर्शित करेगा।उ‌द्घाटन समारोह में माननीय केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री श्री चिराग पासवान मुख्य अतिथि होंगे। तीन दिवसीय सम्मेलन देश भर के डेयरी उत्पादकों को प्रौद्योगिकी, नवाचार, गुणवत्ता संवर्धन और सतत आय वृद्धि के साथ अपने व्यवसायों उन्नति करने के अवसर प्रदान करेगा। भारतीय डेयरी उद्योग 8 करोड़ से अधिक किसानों की आजीविका का आधार है साथ ही देश की खाद्य सुरक्षा और पोषण संबंधी लक्ष्यों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। भारत से उत्पादित डेयरी उत्पाद वैश्विक बाजारों तक पहुंच रहे हैं।और अब यह उद्योग वैश्विक नेतृत्व करने की आकांक्षा रखता है। पिछले कुछ दशकों में, भारत के डेयरी उद्योग ने उल्लेखनीय वृद्धि देखी है और एक औद्योगिक क्रांति का रूप धारण कर लिया है, जिसने पैमाने और प्रभाव के मामले में वैश्विक मानकों को पार कर लिया है। वैश्विक दुग्ध उत्पादन में भारत की हिस्सेदारी वर्तमान में लगभग 25 प्रतिशत है और 2047 तक इसके 45 प्रतिशत तक पहुंचने की उम्मीद है। भारत सरकार ने इस वर्ष के बजट में पशुपालन एवं डेयरी सेक्टर के लिए रिकॉर्ड बढ़ोतरी की है, जो डेयरी क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत है। भारतीय डेयरी उद्योग सम्मेलन भारत के विशाल बाजार, उपभोग पैटर्न और तेजी से विकसित हो रही उद्योग की गतिशीलता पर केंद्रित है। दूध उत्पादन में भारत वैश्विक स्तर पर प्रथम स्थान पर है। देश में कुल दूध उत्पादन 2024-25 के दौरान 247.87 मिलियन टन होने का अनुमान है जो 2023-24 में 239.30 मिलियन टन से बढ़कर पिछले वर्ष की तुलना में 3.58 प्रतिशत की वृद्धि है प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता 2014-15 में 319 ग्राम/दिन से बढ़कर में 2024-25 में 485 ग्राम/दिन हो गई है। यह सम्मेलन इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार विमर्श करने और भविष्य के लिए तैयार समाधानों पर सहयोग करने के लिए एक अनूठा मंच प्रदान करता है।विश्व के सबसे बड़े दूध उत्पादक देश के रूप में, भारत में अपार संभावनाएं हैं। न केवल मात्रा के संदर्भ में बल्कि डेयरी प्रसंस्करण, पोषण, स्थिरता और मूल्यवर्धन में वैश्विक नवाचार का नेतृत्व करने में भी भारत और विदेशों के उत्पादकों संसाधकों, प्रौद्योगिकीविदों, शोधकर्ताओं, नीति निर्माताओं और उद्यमियों को एक साथ लाते हुए, 52वां डेयरी उद्योग सम्मेलन विचारों, नवाचार और समावेशी विकास का केंद्र बनने के लिए तैयार है।

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