नई दिल्ली – राष्ट्रपति भवन में गुरुवार को आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में भारत की राष्ट्रपति Droupadi Murmu को ‘वृक्ष वेदाम 2.0’ पुस्तक भेंट की गई। यह पुस्तक ग्रीन इंडिया चैलेंज के संस्थापक और पूर्व राज्यसभा सांसद Joginipally Santosh Kumar द्वारा लिखी गई है।इस अवसर पर राष्ट्रपति मुर्मू ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर गहरा संदेश देते हुए कहा कि वर्तमान समय मानवता के लिए अवसर और संकट दोनों का दौर है। उन्होंने उपनिषदों में वर्णित ‘पंचभूत’ आकाश, वायु, अग्नि, जल और पृथ्वी का उल्लेख करते हुए कहा कि मानव जीवन इन तत्वों से ही बना है और इन्हीं में विलीन हो जाता है, इसलिए प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाना आवश्यक है।राष्ट्रपति ने ‘तैत्तिरीय उपनिषद’ के श्लोक का उल्लेख करते हुए प्रकृति और मानव के गहरे संबंध को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक दृष्टिकोण अपनाकर ही पर्यावरण संरक्षण को प्रभावी बनाया जा सकता है।वृक्ष वेदाम 2.0’ का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि धरती पर हरियाली ही जीवन का आधार है और ग्रीन इंडिया चैलेंज इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत पिछले आठ वर्षों में करीब 19.6 करोड़ पौधे लगाए गए हैं, जो एक बड़ी उपलब्धि है।ग्रीन इंडिया चैलेंज की शुरुआत 2018 में “हरा है तो भरा है” के नारे के साथ की गई थी। यह अभियान अब देश-विदेश में फैल चुका है और इसमें आम लोगों के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियां भी जुड़ रही हैं। हाल के समय में सुंदरबन क्षेत्र में मैंग्रोव पौधारोपण और ‘कोटि वृक्षार्चना’ जैसे कार्यक्रम भी चर्चा में रहे हैं, जिनकी सराहना प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भी की है।कार्यक्रम में कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे, जिनमें राज्यसभा सांसद के.आर. सुरेश रेड्डी, वद्दिराजु रविचंद्र, बी. पार्थसारथी रेड्डी, एम. करुणाकर रेड्डी और संजीवुला राघवेंद्र शामिल थे।इस कार्यक्रम के माध्यम से राष्ट्रपति ने देशवासियों से अपील की कि वे प्रकृति के साथ अपने संबंध को समझें और पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय योगदान दें, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और हरित भविष्य सुनिश्चित किया जा सके।
