मानेसर – गुर्दों समेत शरीर के अन्य अंगों के संपूर्ण स्वास्थ्य की दृष्टि, फोर्टिस हॉस्पीटल मानेसर ने आज मानेसर के पुलिस कर्मियों के लिए हाइड्रेशन ड्राइव आयोजित की। इस अनूठी पहल के अंतर्गत, अस्पताल ने पुलिस अधिकारियों को लगभग 250 वॉटर कैम्पर्स (प्रत्येक 12 लीटर) वितरित किए। इस मौके पर गुर्दों की देखभाल तथा शरीर में पानी की पर्याप्त मात्रा को बनाए रखने के महत्व के बारे में एक जागरूकता सत्र का भी आयोजित किया गया। अस्पताल की रीनल साइंस टीम द्वारा इस पहल का आयोजन किया गया था। साथ ही, अस्पताल ने अपने सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रम ‘साइक्लोथॉन 2.0 पेडल फॉर किडनीज़, हेल्थी किडनीज़ फॉर ऑल’ का भी आयोजन किया। इसमें आसपास के इलाकों के लगभग 300 बाशिंदों ने हिस्सा लिया जिनमें परिवारों के अलावा फिटनेस प्रेमी और अन्य कई लोग भी शामिल थे जो गुर्दों के स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए एकजुट हुए थे। इस साइक्लोथॉन का उद्देश्य लोगों को अधिक सेहतमंद लाइफस्टाइल की आदतों को अपनाने के लिए प्रेरित करना, गुर्दा रोगों के बढ़ते संकट के बारे में जागरूकता बढ़ाना तथा शीघ्र जांच और बचाव के उपायों के बारे में जानकारी देना था। अस्पताल की रीनल साइंस टीम के सदस्यों ने इस इवेंट के प्रतिभागियों के साथ बातचीत की और उन्हें गुर्दों को स्वस्थ रखने तथा गुर्दों के रोगों से बचाव के व्यावहारिक उपायों के बारे में बताया।इस अवसर पर, डॉ रुचिर माहेश्वरी, डायरेक्टर यूरोलॉजी एंड रीनल साइंसेज़, फोर्टिस हॉस्पीटल मानेसर ने कहा, “गुर्दों को स्वस्थ रखने के लिए शरीर में पानी की उचित मात्रा को बनाए रखना सबसे आसान लेकिन महत्वपूर्ण उपाय है। भारत में गर्मियों के महीनों में गुर्दों से संबंधित रोगों में मौसमी बढ़ोतरी देखी जाती है, और यहां तक कि गुर्दों में पथरी के मामले भी 30-40% तक बढ़ने के संकेत मिलते हैं, जिनका प्रमुख कारण डीहाइड्रेशन (पानी की कमी) और हीट एक्सपोज़र (अत्यधिक गर्मी में रहना) है। गर्मी में लंबे समय तक काम करने वाले पेशेवरों जैसे कि ट्रैफिक पुलिस कर्मी खासतौर से इसका शिकार बनते हैं। ऐसे में तरल पदार्थों का पर्याप्त मात्रा में सेवन करने से चूकने पर गुर्दों में पथरी, संक्रमण और यहां तक कि गुर्दों को अत्यधिक क्षति पहुंचने का जोखिम भी बढ़ जाता है। इनसे बचने के लिए नियमित रूप से पानी का सेवन करते रहने से गुर्दों जैसे महत्वपूर्ण अंगों को स्वस्थ रखा जा सकता है। इस बारे में और जानकारी देते हुए, डॉ साहिल बगई, सीनियर कंसल्टेंट एवं यूनिट हेड नेफ्रोलॉजी, फोर्टिस हॉस्पीटल मानेसर ने कहा,गुर्दे हमारे शरीर में तरल पदार्थों का समुचित संतुलन बनाकर रखने के साथ-साथ विषाक्त तत्वों (टॉक्सिन्स) को हटाने में भी काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जब शरीर लंबे समय तक डीहाइड्रेट रहता है, तो इससे गुर्दों पर दबाव बढ़ता है और गुर्दों में पथरी तथा अन्य कई तरह की जटिलताओं का खतरा भी बढ़ता है। ऐसे में नियमित रूप से शरीर को हाइड्रेट रखने, खासतौर से गर्मियों के महीनों में, तथा इस प्रकार के जागरूकता अभियानों का समय-समय पर आयोजन करते रहने से लोगों को, विशेष रूप से उन्हें जो अक्सर गर्मी के संपर्क में रहते हैं, सेहतमंद आदतों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है। अभिजीत सिंह, फेसिलटी डायरेक्टर, फोर्टिस हॉस्पीटल मानेसर ने कहा, “फोर्टिस हॉस्पीटल मानेसर लगातार प्रीवेंटिव हेल्थकेयर के क्षेत्र में अग्रणी बना हुआ है और गुर्दों के स्वास्थ्य को लेकर सामुदायिक स्तर पर जागरूकता फैलाने पर जोर देता रहा है। अस्पताल ने अपने इन प्रयासों को जारी रखते हुए कम्युनिटी आउटरीच प्रोग्राम का दूसरा एडिशन ‘साइक्लोथॉप 2.0-पेडल फॉर किडनीज़, हेल्थी किडनीज़ फॉर ऑल” भी आयोजित किया, जिसमें आसपास के इलाकों के करीब 300 बाशिंदों ने हिस्सा लिया। गुर्दों के बारे में जागरूकता बढ़ने के बावजूद, गुर्दों की सेहत को लेकर लगातार चिंताजनक स्थिति बनी हुई है, जो इस बात का इशारा है कि इस विषय में लोगों को अधिक जानकार बनाने के साथ-साथ प्रीवेंटिव केयर पर भी जोर देने की जरूरत है।फोर्टिस हेल्थकेयर लिमिटेड के बारे में फोर्टिस हेल्थकेयर लिमिटेड भारत में अग्रणी एकीकृत स्वास्थ्य सेवा प्रदाता है। कंपनी के हेल्थकेयर वर्टिकल्स में मुख्यतः अस्पताल, डायग्नॉस्टिक्स तथा डे केयर सेवाएं शामिल हैं। वर्तमान में, कंपनी देशभर के 12 राज्यों एवं संघ शासित प्रदेशों में कुल 36 हेल्थकेयर सुविधाओं (जिनमें जेवी और ओ एंड एम शामिल हैं) का संचालन करती है। कंपनी के नेटवर्क में 6,000 से अधिक ऑपरेशनल बेड (ओ एंड एम समेत) तथा 400 डायग्नॉस्टिक्स लैब्स शामिल हैं।
