नई दिल्ली – आईआईएम बैंगलोर की एंटरप्रेन्योरशिप विभाग की फैकल्टी और आईआईएमबी के स्टार्टअप इनक्यूबेटर एनएसआरसीईएल की चेयरपर्सन प्रोफेसर श्रीवर्धिनी के. झा को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2025 के लिए चुना गया है। यह सम्मान भारत सरकार के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा उन शिक्षकों को दिया जाता है, जिनकी उत्कृष्ट शिक्षण शैली, शोध, नवाचार और संस्थान निर्माण में योगदान न केवल विद्यार्थियों के जीवन को समृद्ध करता है, बल्कि देश में उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा को भी आगे बढ़ाता है।पुरस्कार वितरण समारोह 5 सितंबर 2025 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रपति इस सम्मान को प्रदान करेंगे। एक शिक्षिका के रूप में प्रो. झा को एमबीए, पीएचडी और ऑनलाइन बीबीए जैसे विभिन्न कार्यक्रमों के छात्रों का खूब सम्मान मिलता है। उन्होंने एंटरपेन्योरशिप पर केंद्रित कई कोर्स तैयार किए और पढ़ाए हैं, जो अपने नवाचारी तरीकों, व्यावहारिक डिज़ाइन और रोचक अंदाज के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने 25 राज्यों में अलग-अलग क्षेत्रों के स्टार्टअप और वेंचर्स को आगे बढ़ाने में मदद की है। यह केंद्र हर साल 1,000 से ज़्यादा वेंचर्स को सहयोग देता है।उनके नेतृत्व में एनएसआरसीईएल ने महिला उद्यमियों और उन वेंचर्स पर खास ध्यान दिया है, जो जलवायु परिवर्तन और सामाजिक बदलाव जैसे बड़े मुद्दों पर काम कर रहे हैं।जो टियर-2 और टियर-3 शहरों में मौजूद इनक्यूबेटरों को मजबूत बनाने और देशभर में उद्यमिता के माहौल को और बेहतर बना रहा है।इस सम्मान पर खुशी व्यक्त करते हुए प्रो. श्रीवर्धिनी के. झा ने कहा, मैं यह पुरस्कार आभार और विनम्रता के साथ स्वीकार करती हूँ। यह सम्मान मेरे संकल्प को और मजबूत करता है कि मैं एंटरप्रेन्योरशिप शिक्षा को और आगे ले जाऊँ, जहाँ पढ़ाई के साथ-साथ प्रयोग करने, नए विचार लाने और बदलाव की दिशा में काम करने का साहस भी शामिल हो। प्रो. झा ने नीतिगत पहलों में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।प्रो. झा ने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से एमएस और आईआईएम बैंगलोर से कॉर्पोरेट स्ट्रेटेजी और पॉलिसी में पीएचडी की है। शिक्षण और शोध में उनके काम में उद्योग का गहरा अनुभव झलकता है, उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट, सन माइक्रोसिस्टम और इन्फोसिस जैसी अग्रणी कंपनियों में सीनियर मैनेजरियल पदों पर काम किया है।