नई दिल्ली – भारत के प्रमुख मंदिरों में हर साल 150 करोड़ से अधिक श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुँचते हैं। भारी भीड़ के कारण, अक्सर भक्तों को गर्भगृह के सामने केवल एक सेकंड का समय मिल पाता है, जिससे उनकी आध्यात्मिक इच्छा अधूरी रह जाती है। इस चुनौती का समाधान करते हुए, TechXR Innovations के स्वदेशी प्लेटफॉर्म ‘दुर्लभ दर्शन’ ने दिल्ली-एनसीआर में अपनी उपस्थिति का विस्तार किया है। यह प्लेटफॉर्म भक्तों को बिना भीड़भाड़ के एक शांत, व्यक्तिगत और तकनीक से लैस दिव्य अनुभव प्रदान कर रहा है। दुर्लभ दर्शन के संस्थापक प्रशांत मिश्रा ने कहा, “भीड़भाड़ वाले तीर्थस्थलों में अक्सर भक्त भगवान से गहरा जुड़ाव महसूस नहीं कर पाते। जिस तरह हेडफ़ोन हमें बाहरी शोर से बचाते हैं, हमारी वीआर तकनीक भक्तों को ‘विजुअल शोर’ (भीड़भाड़) से मुक्त कर सीधे ईश्वर से जोड़ती है। इस्कॉन दिल्ली केंद्र की सफलता के बाद, हमारा लक्ष्य 2026 में 50 से अधिक नए केंद्रों तक विस्तार करना है ताकि ‘डिजिटल तीर्थ’ हर घर तक पहुँच सके।”‘दुर्लभ दर्शन’ अपनी पेटेंट-पेंडिंग 6D मल्टी-सेंसरी तकनीक के जरिए प्राचीन आस्था और आधुनिक विज्ञान का मेल कराता है। यह मुख्य रूप से दो माध्यमों से काम करता है: फिजिकल एक्सपीरियंस सेंटर (केंद्र) और डिजिटल मोबाइल ऐप। अनुभव केंद्र (Kendras): 10 लाख श्रद्धालुओं का भरोसा वर्तमान में दुर्लभ दर्शन के 15 से अधिक केंद्र (Kendras) छह राज्यों में संचालित हैं, जिनमें इस्कॉन दिल्ली (ISKCON Delhi) का केंद्र प्रमुख है। इन केंद्रों पर अब तक 10 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। ट्रिपएडवाइजर (TripAdvisor) पर इन्हें टॉप रेटिंग मिली है क्योंकि यहाँ भक्तों को बिल्कुल वैसा ही अहसास होता है जैसे वे मंदिर के गर्भगृह के अंदर हों। इन केंद्रों में 6D तकनीक का उपयोग किया जाता है, जिससे भक्त न केवल दृश्यों को देखते हैं, बल्कि उन्हें महसूस भी करते हैं वर्चुअल अभिषेक: अनुष्ठान के दौरान पानी की बूंदों और फूलों,धूप की खुशबू का असली अहसास। प्रामाणिक वातावरण: मंदिर के माहौल के अनुसार हवा का झोंका और सुगंध। पवित्र अनुष्ठान: भस्म आरती, पंच आरती और श्रृंगार के जीवंत दर्शन। दुर्लभ दर्शन ऐप: अब स्मार्टफोन पर होंगे गर्भगृह के दर्शन जो लोग यात्रा करने में असमर्थ हैं, उनके लिए ‘दुर्लभ दर्शन’ मोबाइल ऐप एक बेहतरीन डिजिटल आध्यात्मिक केंद्र बनकर उभरा है। वर्तमान में इसके 2 लाख से अधिक सक्रिय यूजर्स हैं। स्मार्टफोन और वीआर (VR) हेडसेट के जरिए इस ऐप पर ये सुविधाएं मिलती हैं वर्चुअल दर्शन: अयोध्या के राम लला, चार धाम और ज्योतिर्लिंगों सहित 50 से अधिक तीर्थों के दर्शन। 3D भक्ति थिएटर: परिवार के लिए रामायण, कृष्ण लीला और दुर्गा सप्तशती जैसे प्रसंगों को 3D ‘पॉप-आउट’ इफेक्ट के साथ देखने की सुविधा। VR रुद्राभिषेक: महाशिवरात्रि जैसे विशेष अवसरों पर घर बैठे ज्योतिर्लिंगों पर वर्चुअल अभिषेक करने का मौका। विज्ञापन मुक्त अनुभव: सोशल मीडिया के शोर से दूर, यहाँ केवल चुनिंदा भक्ति रील्स और मंत्र उपलब्ध हैं। 2026 के लिए विजन इस पहल को अभिनेता राजकुमार राव, आशुतोष राणा और आध्यात्मिक गुरु पंडित धीरेंद्र शास्त्री जी जैसी प्रमुख हस्तियों ने भी सराहा है। ‘मेक-इन-इंडिया’ विजन के साथ, दुर्लभ दर्शन न केवल परंपराओं को सुरक्षित कर रहा है, बल्कि दिल्ली-एनसीआर को ‘स्पिरिचुअल-टेक’ इनोवेशन का हब बना रहा है।
