नोएडा- पीरामल फार्मा लिमिटेड के एक प्रभाग, पीरामल कंज्यूमर हेल्थकेयर ने बच्चों की देखभाल से जुड़े (बेबी केयर) अपने ब्रांड, लिटल्स के लिए एक नया डिजिटल अभियान, लाइफ इज़ हार्ड, स्विच टू सॉफ्टर (जीवन कठिन है, नरमी अपनाएं) लॉन्च किया है। लिटल्स ने अपने अभियान में बच्चे के अनुभव को केंद्र में रखा है, जो अक्सर अनसुना रह जाता है। यह कहानी रोज़ामर्रा की सच्चाई पर आधारित है कि बच्चे चुपचाप ऐसी परेशानियों को सहते रहते हैं जिन्हें वे व्यक्त नहीं कर पाते, चाहे वह खुरदुरे से डायपर से होने वाली जलन हो, नहाने के साबुन आदि से पैदा होने वाला रूखापन हो, या किसी ख़ास सामग्री से होने वाली परेशानी हो। ये पल बड़ों को सामान्य लग सकते हैं, लेकिन बच्चे के लिए, ये यह तय करते हैं कि दुनिया कितनी सुरक्षित, आरामदायक और महफूज़ महसूस होती है। इस नज़रिए को सामने लाने वाला डिजिटल कथानक तीन फिल्मों के ज़रिए सामने आता है जो लिटल्स के फ्लफी सॉफ्ट डायपर, लिटल्स के ऑर्गेनिक्स मॉइस्चराइजिंग बेबी बेदिंग बार और लिटल्स ऑर्गेनिक्स बेबी लोशन पर केंद्रित हैं। ये फिल्में बच्चों के नज़रिए से रोज़मर्रा की स्थितियों को दिखाती हैं और यह बताती हैं कि जब किसी वजह से आराम नहीं मिलता है तो सामान्य क्षण भी कितने भारी पड़ सकते हैं। पीरामल कंज्यूमर हेल्थकेयर के उपाध्यक्ष, अभिषेक कुमार ने कहा, लिटल्स के उत्पाद नरम, सुरक्षित और संवेदनशील हैं, क्योंकि छोटे-छोटे फैसलों का भी बच्चे के आराम और सेहत पर भारी असर होता है। यह अभियान आज के माता-पिता को अपने बच्चों के लिए ऐसे उत्पाद प्रदान करने के प्रति हमारी सोच को दिखाता है, जो ज़्यादा कोमल हों, सोच-समझकर तैयार किए गए हों और ज़्यादा काम के हों।
