नई दिल्ली- नरेला और बवाना के दर्जनों गांवों में लगभग 300 एकड़ जमीन पर खड़ी गेहूं की फसल आग लगने से नष्ट हो गई है। इस अग्निकांड से प्रभावित किसानों को तुरंत एक-एक लाख रुपए प्रति एकड़ की दर से सरकार मुआवजा घोषित करे। यह मांग दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने की। उन्होंने कहा कि खेतों में खड़ी फसलों को काटकर कुछ ही दिनों में किसान बाजारों में बेचने वाले वाले थे। अब फसल जल जाने की वजह से किसानों के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। बिधूड़ी ने कहा कि नरेला और बवाना में 300 एकड़ से ज्यादा जमीन पर खड़ी फसल जलकर बर्बाद हो गई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल मौके पर जाकर हालात का जायजा लें। वह अधिकारियों को वहां भेजें ताकि वे फौरन नुकसान के हिसाब से किसानों के लिए मुआवजा तय करें। इन खेतों के ऊपर से बिजली की हाईटेंशन तारें गुजर रही हैं जिनमें अक्सर स्पार्किंग होती रहती है और इनमें से निकली हुई चिंगारियों की वजह से ही फसलें जल जाती हैं। इन बिजली की तारों को अन्य जगहों पर शिफ्ट किया जाना चाहिए। सरकार को किसानों की मुश्किल के समय मदद करनी चाहिएपिछले साल 128 गांवों में बारिश के पानी से किसानों की सैकड़ों एकड़ में खड़ी फसल बर्बाद हो गई थी, लेकिन सरकार ने ऐलान करके भी मुआवजा नहीं दिया। इन किसानों को भी 50 हजार रुपए एकड़ के हिसाब से मुआवजे का तुरंत भुगतान किया जाना चाहिए।