अमरावती- आंध्र प्रदेश सरकार के मंत्रिमंडल में फेरबदल के बाद राज्य में सत्तासीन वाईएसआर कांग्रेस में अप्रत्याशित रूप से बगावत शुरू हो गई और पार्टी कार्यकर्ताओं ने राज्य के कई जिलों में सडक़ों पर धरना प्रदर्शन किया। प्रदेश की पूर्व गृह मंत्री एम सुचारिता ने दूसरा कार्यकाल नहीं मिलने के बाद विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ गूंटूर में ऐसे समय में बैठक की जब नई कैबिनेट बन रही थी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि निजी कारणों से वह विधानसभा की सदस्यता छोड़ रही हैं। सुचरिता कैबिनेट में दोबारा शामिल नहीं किए जाने के कारण नाराज थी जबकि उनकी सहयोगी दलित नेता टी वनिता और अन्य को दोबारा कैबिनेट में शामिल किया गया है। बताया जाता है कि उन्होंने अपना त्याग पत्र राज्यसभा सदस्य मोपीदेवी वेंकट रमन को सौंपा जो उन्हें मनाने के लिए गुंटूर स्थित उनके आवास पर गई थी। सुचरिता ने हालांकि दावा किया कि दूसरा मौका नहीं मिलने से वह अप्रसन्न नहीं हैं और कहा कि वह पार्टी में बनी रहेंगी। एक अन्य पूर्व मंत्री बलिनेनी श्रीनिवासा रेड्डी ने वाईएसआरसी नेतृत्व को संदेश भेज कर कहा था कि वह विधायक का पद छोडेंगे। बलिनेनी के समर्थकों ने प्रकाशम जिले के आनगोल और कुछ अन्य स्थानों पर सडक़ को जाम किया और उन्हें दोबारा कैबिनेट में शामिल किए जाने की मांग की। स्थानीय निकायों के निर्वाचित प्रतिनिधियों ने बलिनेनी श्रीनिवासा रेड्डी को मंत्री नहीं बनाए जाने की स्थिति में त्यागपत्र देने की धमकी दी है। रविवार को वाईएसआरसी महासचिव एस आर के रेड्डी ने विजयवाड़ा स्थित बलिनेनी श्रीनिवास रेड्डी के घर पर दो बार गए ओर उनके साथ बातचीत की लेकिन वह बागी नेता को मनाने में विफल रहे। रेड्डी फिर बलिनेनी के पास आए क्योंकि उन्होंने अपने इस्तीफे की घोषणा सार्वजनिक करने का फैसला किया।मुख्यमंत्री के रिश्तेदार बलिनेनी ने सबसे पहले एन किरन कुमार रेड्डी की कैबिनेट और कांग्रेस पार्टी की सदस्यता छोड़ी थी तथा जगन मोहन रेड्डी द्वारा गठित वाईएसआरसी में शामिल हो गए थे। कैबिनेट फेरबदल के विरोध में प्रदेश के नंदमुरी तारक रामा राव, कृष्णा, पलनाडु और अनाकापल्ली जिलों से भी पार्टी कार्यकर्ताओं और विधायकों के प्रदर्शन करने की खबरे हैं।