नई दिल्ली- एस्कलेरा द वीमेन फेस्ट 2026 के माध्यम से केरल ने महिला-नेतृत्व वाले विकास को लेकर राष्ट्रीय विमर्श में अपनी निर्णायक मौजूदगी दर्ज कराई है। व्यापक पैमाने, अंतरराज्यीय सहभागिता और ठोस नीतिगत आधार के चलते यह उत्सव केरल के ‘वूमेन-सेंट्रिक डेवलपमेंट मॉडल’ को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करता है। केरल राज्य महिला विकास निगम द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से आयोजित इस महोत्सव में महिला उद्यमियों की 140-स्टॉल की प्रदर्शनी प्रमुख आकर्षण है। आठ राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों से आई महिला उद्यमियों की भागीदारी ने एस्कलेरा को एक क्षेत्रीय पहल से आगे बढ़ाकर राष्ट्रीय मंच का स्वरूप दे दिया है। अपने तीसरे संस्करण में एस्कलेरा केवल प्रदर्शनी तक सीमित न रहकर उद्यमिता, नीति संवाद और सामाजिक विमर्श का साझा मंच बन चुका है। यह आयोजन पिछले एक दशक में केरल में महिला उद्यमिता, नेतृत्व और सामुदायिक सहभागिता के क्षेत्र में हुई प्रगति को एक सुसंगत राष्ट्रीय संदर्भ में प्रस्तुत करता है। महिला आर्थिक सशक्तिकरण को विकास की आधारशिला बताते हुए स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास मंत्री वीना जॉर्ज ने कहा कि महिलाओं की आत्मनिर्भरता से परिवार और समुदाय दोनों स्तरों पर दीर्घकालिक सामाजिक-आर्थिक लाभ सुनिश्चित होते हैं। बीते दस वर्षों में राज्य सरकार ने 1,850 करोड़ की स्व-रोज़गार ऋण सहायता के जरिए 1.49 लाख से अधिक महिलाओं को सशक्त किया है, जिससे तीन लाख से अधिक रोजगार अवसर सृजित हुए हैं।प्रदर्शनी के साथ-साथ कॉन्क्लेव, कौशल-विकास सत्र और विषयगत चर्चाओं ने एस्कलेरा वीमेन फेस्ट 2026 को महिला सशक्तिकरण के ‘केरल मॉडल’ पर राष्ट्रीय संवाद का एक प्रमुख मंच बना दिया है।
