नई दिल्ली- दिल्ली सरकार गरीब जनता को राशन पहुंचाने में पूरी तरह विफल हो गई है। जनता को अब तक मार्च महीने का भी राशन नहीं मिला है। केंद्र सरकार दिल्ली की 72 लाख जनता के लिए राशन मुहैया कराती है और दिल्ली सरकार की जिम्मेदारी इस राशन को जनता तक पहुंचाने की होती है लेकिन सरकार यह भी नहीं कर पाई। यह बात दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कही। बिधूड़ी ने आशंका व्यक्त किया की दिल्ली सरकार जानबूझ कर केंद्र की मोदी की सरकार को बदनाम करने के लिए ऐसा कर रही है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अभी तक दिल्ली के गरीबों को मार्च महीने का राशन भी नहीं मिल पाया है। केंद्र सरकार दिल्ली के 72.77 लाख राशन कार्डधारकों के लिए 4 किलो गेहूं और एक किलो चावल सिर्फ 11 रुपए में खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत उपलब्ध कराती है। इसके अलावा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत कोरोना के समय से ही 4 किलो गेहूं और एक किलो चावल मुफ्त केंद्र सरकार की तरफ से दिया जा रहा है। यह योजना सितंबर तक जारी रहेगी। केंद्र सरकार यह तमाम अनाज दिल्ली सरकार को उपलब्ध कराती है और दिल्ली सरकार का काम इस अनाज को राशन की दुकानों के जरिए जनता तक पहुंचाना होता है लेकिन दिल्ली सरकार यह काम भी नहीं कर पाई। सरकार इस अनाज को उठा ही नहीं पा रही। हैरानी की बात यह है कि केंद्र सरकार इस राशन को गरीबों तक पहुंचाने का खर्चा भी वहन करती है और राशन दुकानदारों का कमिशन भी अदा करती है। इसके बावजूद दिल्ली सरकार अपनी छोटी-सी जिम्मेदारी को भी निभा पाने में असफल रही है। अंत्योदय अन्न योजना श्रेणी के तहत भी प्रति परिवार को 25 किलो गेहूं 2 रुपए प्रति किलो और 10 किलो चावल 3 रुपए प्रति किलो की दर से दिया जा रहा है। बिधूड़ी ने कहा कि दिल्ली सरकार उन गरीबों को राशन कार्ड उपलब्ध नहीं करा पाई जो वर्षों से राशन कार्ड की मांग कर रहे हैं। ऐसे लोगों की संख्या 60 लाख से अधिक है। सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद दिल्ली सरकार ने इन लोगों को राशन देने की घोषणा तो की लेकिन उन्हें भी राशन नहीं मिल रहा। बिधूड़ी ने कहा है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत दिल्ली के सारे मंत्री दूसरे राज्यों में राजनीतिक दौरों में व्यस्त हैं और उन्हें दिल्ली की गरीब जनता की कोई चिंता नहीं है। दिल्ली सरकार जानबूझकर ऐसा कर रही है ताकि वह केंद्र सरकार को बदनाम कर सके। उन्होंने कहा कि यह शर्म की बात है कि केजरीवाल अपनी राजनीति करने के लिए गरीबों को भूखा मारने पर तुले हुए हैं। उन्होंने कहा है कि अगर केजरीवाल सरकार यह काम करने में भी अक्षम है तो वह केंद्र सरकार को लिखकर दे दे ताकि केंद्र अन्य विकल्पों पर विचार कर सके। कम से कम गरीबों को समय पर अनाज तो मिल सके।