नई दिल्ली – शहर जो कभी सिर्फ त्यौहारों और खास अवसरों पर होने वाली भीड़ पर निर्भर था, वह अब आने वाले लोगों, निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े विकास के लगातार और स्थायी प्रवाह की ओर बढ़ रहा है। जहाँ आमतौर पर शहरों की वृद्धि नौकरियों, कार्यालयों या औद्योगिक गतिविधियों से जुड़ी होती है।वृंदावन में राधा कुंड एक प्रमुख और तेजी से उभरता हुआ इलाका बन रहा है। इसकी गहरी आध्यात्मिक पहचान और मुख्य धार्मिक स्थलों व कनेक्टिविटी नेटवर्क के बीच इसकी स्थिति इसे खास बनाती है। जमीन की कीमतों में बढ़त हर इलाके में एक जैसी नहीं रही है, लेकिन जो क्षेत्र मुख्य धार्मिक स्थलों के सबसे पास हैं, उन्होंने बेहतर प्रदर्शन किया है। राधा कुंड इन्हीं क्षेत्रों में शामिल है और माना जा रहा है कि आने वाले वर्षों में यहां जमीन की कीमतों में तेज़ बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। यहां 65 एकड़ में फैला द हाउस ऑफ अभिनंदन लोढ़ा का यह प्लॉटेड डेवलपमेंट वृंदावन में आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित किया गया है। यहाँ 40 से अधिक सुविधाएँ दी गई हैं, जिनमें 1 लाख वर्ग फुट से बड़ा एक क्लबहाउस भी शामिल है, जो शहर का सबसे बड़ा है। इस प्रोजेक्ट में लगभग 40 प्रतिशत क्षेत्र खुले स्थानों और सामुदायिक जीवन के लिए रखा गया है।
द हाउस ऑफ अभिनंदन लोढ़ा के सीईओ, समुज्ज्वल घोष कहते हैं,वृंदावन अब सिर्फ घूमने की जगह नहीं रह गया है, बल्कि लोग यहाँ बार-बार लौटने लगे हैं। जब आने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ती है, इन्फ्रास्ट्रक्चर पर काम तेज़ होता है और जमीन की उपलब्धता सीमित रहती है, तो जमीन की माँग अपने आप मजबूत होती है। राधा कुंड जैसे इलाकों में जमीन लंबे समय के लिए एक सुरक्षित विकल्प बन रही है। ऐसे बदलावों को समझकर सही समय पर फैसला लेना जरूरी है।महज 10.5 वर्ग किलोमीटर में फैला यह मंदिर शहर अब उत्तर भारत के सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाले रियल एस्टेट बाजारों में शामिल हो रहा है। इस बदलाव के पीछे आगे बढ़ती इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएँ और एक सोच समझकर अपनाया गया विकास मॉडल प्रमुख कारण हैं। इस बदलाव का असर सीधे प्रॉपर्टी मार्केट पर दिख रहा है। लंबे समय तक रुकने, बार-बार आने और बेहतर सुविधाओं की बढ़ती अपेक्षाओं के चलते दूसरे घर, प्लॉटेड डेवलपमेंट और रिटायरमेंट के लिए उपयुक्त आवास में रुचि बढ़ रही है, खासकर प्रमुख मंदिरों और प्रमुख धार्मिक मार्गों के आसपास के इलाकों में। अब माँग तुरंत मुनाफे की सोच के बजाए वास्तविक इस्तेमाल, परिचित अनुभव और भावनात्मक जुड़ाव से संचालित हो रही है। कनेक्टिविटी अब वृंदावन की वृद्धि में एक अहम् भूमिका निभा रही है। इसके साथ धार्मिक मार्गों से जुड़े प्रोजेक्ट्स भीड़ को बेहतर तरीके से संभालने और शहर के भीतर सुव्यवस्थित विकास में मदद कर रहे हैं। लायसेस फोरास की स्वतंत्र रिसर्च के अनुसार, जुलाई 2025 तक यहाँ कुल आवासीय आपूर्ति 9,593 इकाइयों की थी, जिनमें से 6,776 इकाइयाँ पहले ही बिक चुकी हैं। इसका मतलब है कि लगभग 70.6 प्रतिशत घर खरीदारों को मिल चुके हैं। प्लॉटेड डेवलपमेंट्स में माँग ज्यादा मजबूत रही है। यहाँ उपलब्ध 76.5 प्रतिशत प्लॉट्स पहले ही बिक चुके हैं, जिससे साफ है कि लोग इन्हें रहने और लंबे समय के लिए निवेश दोनों के रूप में देख रहे हैं।लोग अब वृंदावन में केवल दर्शन के लिए नहीं, बल्कि ज्यादा समय रुकने के लिए भी आने लगे हैं। यह शहर अब लंबे समय तक रुकने वाले स्पिरिचुअल टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है, जिससे किराए की माँग बढ़ रही है और संपत्तियों की कीमतों को भी सहारा मिल रहा है।

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