पॉश कॉलोनी सरिता विहार के पास बसा सैकड़ों वर्ष पुराना मदनपुर खादर ईस्ट वार्ड बदहाली की मार झेल रहा है। यह मुख्य रूप से राजपूतों और गुर्जरों का गांव है। गांव के लोगों के लिए न तो अच्छे पार्क की व्यवस्था है और न ही चौड़ी सडक़ है। गांव वालों का दर्द यह है कि सीवर अक्सर जाम होकर ओवरफ्लो होता है। क्षेत्र की आबादी के मुताबिक पार्क नहीं हैं, जहां बच्चे खेल सकें। इस कारण उन्हें सरिता विहार कॉलोनी के पार्क में जाना पड़ता है। गांव की सडक़ें जगह-जगह टूटी हुई हैं। गलियों में जगह-जगह बिजली के तार लटकते रहते हैं। गंाव में लड़कियों के लिए स्कूल व सफाई की समस्या है। बावजूद मदनपुर खादर ईस्ट के वार्ड संख्या 10४ एस के पार्षद कमलेश ने बताया की वार्ड में विकास कार्य क्षेत्रफल व आबादी के मुताबिक तो नही हो पा रहा है लेकिन इसके बावजूद पिछले साढ़े चार वर्षो के कार्यकाल में मैने अपने वार्ड में मार्डन स्कूल, करीब १८ छोटी बड़ी सडक़े, पार्को में करीब १५0 बेंच व करीब 2०00 हजार स्ट्रीट लाइट लगाई गई।
बॉक्स
– वार्ड के अंदर स्कूलों के निर्माण व अन्य कार्य के लिए जो बजट मिला था वह कार्य पूरा हो गया है, लेकिन इसके बावजूद अभी भी वार्ड के अंदर कई विकास कार्य होने है लेकिन दिल्ली सरकार द्वारा निगमों का फंड रोके जाने के कारण विकास कार्य नही हो पा रहे, जिसकी वजह से क्षेत्र में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कमलेश पार्षद, मदनपुर खादर ईस्ट वार्ड संख्या 10४
बॉक्स
फोटो सिटी में मुकेश के नाम से है
– दक्षिणी निगम अपने सभी पार्षदो को विकास कार्य के लिए समय-समय पर फंड जारी करती रहती है, लेकिन दिल्ली सरकार द्वारा निगम का फंड रोके जाने के कारण विकास कार्य कराने में कुछ दिक्कते आ रही है। इसके बावजूद निगम अपने प्रयास से एसडीएमसी क्षेत्र में विकास कार्य करा रही है।
मुकेश सुर्यान, महापौर दक्षिणी दिल्ली नगर निगम