नई दिल्ली-भारतीय पर्यावरणविद् और पूर्व राज्यसभा सांसद जोगिनीपल्ली संतोष कुमार को लंदन स्थित ब्रिटिश संसद के ऐतिहासिक हाउस ऑफ़ लॉर्ड में आयोजित विश्व जलवायु नेतृत्व सम्मेलन में “वैश्विक हरित प्रतीक” सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण, पारिस्थितिक पुनर्स्थापन और जनभागीदारी आधारित पर्यावरण अभियानों में उनके अग्रणी योगदान के लिए प्रदान किया गया।सम्मान प्राप्त करने के बाद संतोष कुमार ने कहा कि यह सम्मान उनका व्यक्तिगत नहीं, बल्कि उन लाखों लोगों का है जो पर्यावरण संरक्षण के लिए समर्पित हैं। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण को बड़े स्तर पर सफल बनाया जा सकता है। विश्व जलवायु नेतृत्व सम्मेलन में मिला यह सम्मान ऐसे समय आया है जब दुनिया जलवायु परिवर्तन, बढ़ते तापमान और जैव विविधता के नुकसान जैसी गंभीर चुनौतियों से जूझ रही है। आगामी वैश्विक जलवायु सम्मेलनों से पहले यह उपलब्धि भारत के जनभागीदारी आधारित पर्यावरण मॉडल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत पहचान दिलाती है। इस समारोह में कई अंतरराष्ट्रीय गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे, जिनमें यूनेस्को संपर्क समिति के उपाध्यक्ष निक न्यूलेन्ड-एशनर, ब्रिटिश काउंसिल के निदेशक डेविड थॉम्पसन, नीति सलाहकार माइकल हैडवेन तथा यूके के व्यापार एवं उद्योग विभाग की वरिष्ठ अधिकारी अमीता विर्क शामिल थीं।“ग्रीन इंडिया चैलेंज” बना जन-आंदोलन संतोष कुमार द्वारा शुरू किया गया ग्रीन इंडिया चैलेंज आज देश के सबसे बड़े जन-आधारित पर्यावरण अभियानों में से एक बन चुका है। इस पहल ने छात्रों, किसानों, संस्थानों और आम नागरिकों सहित लाखों लोगों को वृक्षारोपण, पर्यावरण संरक्षण और जलवायु जागरूकता से जोड़ा है।तेलंगाना मॉडल: बड़े स्तर पर पर्यावरणीय बदलाव संतोष कुमार की पर्यावरणीय सोच तेलंगाना में पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव के नेतृत्व में चलाए गए ‘तेलंगाना कु हरिता हरम’ अभियान से प्रेरित है, जिसे विकासशील देशों के सबसे महत्वाकांक्षी वृक्षारोपण कार्यक्रमों में गिना जाता है।

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