नई दिल्ली – विश्व जल दिवस के अवसर पर पर्यावरण कॉलिंग ग्रुप द्वारा मोलड़बंद विस्तार, नई दिल्ली में नहर किनारे मानव श्रृंखला 4.0 का आयोजन किया गया। इस अभियान में समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और जल संरक्षण का संदेश दिया।संस्था के संयोजक अनिल महाशय ने बताया कि इस मानव श्रृंखला का मुख्य उद्देश्य लोगों को पानी के महत्व के प्रति जागरूक करना, पानी बचाने के लिए प्रेरित करना तथा बढ़ते जल संकट की ओर समाज का ध्यान आकर्षित करना है। उन्होंने कहा कि आज जल संकट एक गंभीर और मानव निर्मित समस्या बन चुका है, जिसे समय रहते नहीं संभाला गया तो इसके परिणाम अत्यंत भयावह होंगे। उन्होंने आगे कहा,अगर पानी खत्म हुआ तो सिर्फ प्यास नहीं बढ़ेगी, बल्कि खेती रुक जाएगी, जीवन ठहर जाएगा और देश की प्रगति भी थम जाएगी। उन्होंने यह भी चेताया कि जो पानी हमें जीवन देता है, वही आज दूषित होकर बीमारी और मौत का कारण बनता जा रहा है। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने एक स्वर में संकल्प लिया कि वे पानी की बर्बादी को रोकेंगे और जल संरक्षण को जन-जन का आंदोलन बनाएंगे। वक्ताओं ने कहा कि पानी की बर्बादी हमारी बर्बादी है और यदि आज हम नहीं जागे तो आने वाली पीढ़ियां हमें कभी माफ नहीं करेंगी। इस अवसर पर प्रतिभागियों ने लोगों से अपील की कि वे अपने दैनिक जीवन में पानी बचाने की आदत अपनाएं, पारंपरिक जल स्रोतों को सुरक्षित रखें और जल संरक्षण को एक जन आंदोलन का रूप दें। यह आयोजन न केवल एक जागरूकता अभियान रहा, बल्कि समाज को एकजुट होकर जल संकट से लड़ने का मजबूत संदेश भी दे गया। इस अवसर पर श्री रमाकांत चौधरी समाजसेवी, श्री राजेश शर्मा महासचिव प्रवासी चेतना मंच, श्री के के शुक्ला पूर्व चैयरमैन दिल्ली नगर निगम, डॉ श्रीनिवास तिवारी प्रधानाचार्य, श्री संतोष चौरसिया प्रधानाचार्य, श्री गोविन्द प्रसाद अरजरिया, श्री गजेंद्र चौहान प्रधान आर्यसमाज मंदिर मोलड़बंद, एडवोकेट लवकुश कुमार, डाॅ डी के जैन, डॉ डी के तिवारी, पं एस आर रावत एडवोकेट, श्री के पी सिंह, श्री श्याम सुंदर गुप्ता, श्री राम प्रकाश भारद्वाज अध्यक्ष ब्राह्मण महासभा बदरपुर, श्री परशुराम शास्त्री अध्यक्ष दिल्ली प्रदेश ब्राह्मण महासभा, श्री देवदत्त शर्मा अध्यक्ष ब्राह्मण सभा दिल्ली प्रदेश सहित भारी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया।

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