नई दिल्ली – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब्ब के सम्मान में 5 मार्च को दिल्ली के ऐतिहासिक हैदराबाद हाउस में भव्य राजकीय भोज का आयोजन किया। इस दौरान शास्त्रीय संगीत की एक यादगार संध्या भी रखी गई, जिसमें भारतीय कलाकारों की मंत्रमुग्ध कर देने वाली प्रस्तुतियों ने विदेशी मेहमानों को पूरी तरह अपनी ओर खींच लिया। पांच मार्च की उस शाम हैदराबाद हाउस का भव्य हॉल संगीत की सुरों से गूंज उठा था। प्रधानमंत्री मोदी, फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब्ब, विदेश मंत्री और फिनलैंड के राजदूत, वरिष्ठ पत्रकारों तथा अन्य गणमान्य लोगों ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया। कूटनीतिक चर्चाओं और औपचारिक माहौल के बीच यह संगीत संध्या दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव का एक खूबसूरत पुल साबित हुई। कार्यक्रम में संतूर वादक बिपुल कुमार रे ने अपनी उंगलियों से जादू बिखेरा। उनकी संतूर की मीठी धुनें सुनकर लग रहा था जैसे पूरा माहौल रागों में डूब गया हो। तबला वादक मनीष दुग्गल ने अपनी लयबद्ध तालों से जोरदार साथ दिया, जबकि सारंगी वादक कुलभूषण गोस्वामी ने अपनी गहरी और भावपूर्ण सुरों से हर किसी के मन को छू लिया। तीनों कलाकारों की यह जोड़ी इतनी खूबसूरत थी कि विदेशी मेहमान भी तालियां बजाते नहीं थक रहे थे। यह कार्यक्रम सिर्फ भोजन और औपचारिकता तक सीमित नहीं था। भारतीय शास्त्रीय संगीत की समृद्ध विरासत को दुनिया के सामने पेश करने का यह एक बेहतरीन मौका था। फिनलैंड के राष्ट्रपति स्टब्ब समेत सभी मेहमानों ने कलाकारों की कला की भरपूर सराहना की। पांच मार्च को आयोजित यह भोज और संगीत कार्यक्रम अब भारत-फिनलैंड संबंधों की चर्चा में सांस्कृतिक पुल के रूप में याद किया जा रहा है। दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग के बीच ऐसी शामें रिश्तों को और गर्मजोशी देती हैं।
