गुरुग्राम – राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के अवसर पर, WOG Technologies Limited ने गुरुग्राम में अपने Research, Development & Technology Centre (RD&TC) का उद्घाटन किया यह 7,000 वर्ग फुट का प्रमुख नवाचार केंद्र है, जिसे जल, अपशिष्ट जल एवं अक्षय ऊर्जा की अग्रणी प्रौद्योगिकियों को अवधारणा से वाणिज्यिक स्तर तक ले जाने के विशेष उद्देश्य से निर्मित किया गया है। उद्घाटन समारोह WOG Innovate 2026: Inaugurating India’s Water & Energy Research Future में वरिष्ठ नीति निर्माताओं, उद्योग जगत के अग्रणी, शैक्षणिक संस्थानों के प्रमुखों एवं सतत विकास विशेषज्ञों ने भाग लिया, जिससे स्वदेशी पर्यावरणीय नवाचार के लिए एक निर्णायक क्षण को चिह्नित किया गया। उद्योग विहार में स्थित यह एकीकृत सुविधा एक संपूर्ण नवाचार इंजन के रूप में अभिकल्पित की गई है, जिसमें Wet Lab, Bio Lab, Dry Lab एवं Chromatography Lab के साथ-साथ एक Modular Pilot Effluent Treatment Plant भी सम्मिलित है। इस केंद्र को इस प्रकार अभियांत्रिक किया गया है कि यह प्रयोगशालाई खोज से औद्योगिक तैनाती तक की यात्रा को संक्षिप्त कर सके, और इसका स्पष्ट लक्ष्य है उन्नत सतत प्रौद्योगिकियों को छोटे एवं मध्यम उद्यमों (SMEs) के लिए सुलभ एवं किफायती बनाना, जो अब तक अत्याधुनिक समाधानों से वंचित रहे हैं। यह उद्घाटन भारत के सतत विकास एजेंडे के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण क्षण पर हो रहा है। देश वर्तमान में अपने अपशिष्ट जल का केवल लगभग 37% ही उपचारित करता है, जबकि उद्योगों पर Zero Liquid Discharge (ZLD) अनिवार्यताओं तथा अधिक कठोर पर्यावरणीय अनुपालन आवश्यकताओं को पूरा करने का दबाव लगातार बढ़ रहा है। RD&TC को इसी अंतराल को पाटने के लिए निर्मित किया गया है अनुसंधान को औद्योगिक एवं नगरपालिकीय उपयोगकर्ताओं दोनों के लिए तैनात करने योग्य, वाणिज्यिक रूप से व्यवहार्य समाधानों में परिवर्तित करना। भारत में निर्मित अगली पीढ़ी की पर्यावरणीय प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन RD&TC ने स्वामित्व वाले नवाचारों के एक समृद्ध पोर्टफोलियो का अनावरण किया, जो भारत के पर्यावरणीय अभियांत्रिकी पारिस्थितिकी तंत्र की परिपक्वता का संकेत देता है। प्रदर्शन के केंद्र में है WOG का पेटेंटयुक्त High-Efficiency UASB (HE-UASB) Reactor एक अगली पीढ़ी की अवायवीय (anaerobic) प्रणाली, जो उच्च-शक्ति वाले औद्योगिक अपशिष्ट जल को स्वच्छ बायोगैस में परिवर्तित करती है, और एक ही फुटप्रिंट से उपचार और अक्षय ऊर्जा दोनों प्रदान करती है, जिसमें कीचड़ (sludge) उत्पादन एवं संयंत्र क्षेत्रफल दोनों न्यूनीकृत होते हैं। इसके पूरक के रूप में है WOG की अपनी श्रेणी में पहली Advanced Halogen and Iron Removal Technology एक दो-चरणीय शुद्धिकरण प्रणाली, जो औद्योगिक अपशिष्ट धाराओं से उच्च-शक्ति वाले हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) को बिना तनूकरण के पुनः प्राप्त करती है; इस प्रकार एक खतरनाक उप-उत्पाद को पेट्रोरसायन, क्लोर-अल्कली एवं रासायनिक विनिर्माण उद्योगों के लिए पुनः उपयोग योग्य संसाधन में रूपांतरित करती है। केंद्र ने उच्च-TDS धाराओं के लिए स्वामित्व वाली WOG-TRL Self-Cleaning Evaporator तकनीक तथा एक एकीकृत Zero Liquid Discharge प्लेटफ़ॉर्म का भी प्रदर्शन किया, साथ ही एक AI-संचालित जल गुणवत्ता पूर्वानुमान प्रणाली भी प्रदर्शित की गई, जो वास्तविक-समय सेंसर डेटा एवं मशीन लर्निंग के माध्यम से प्रदूषण की घटनाओं का उनके घटित होने से पूर्व ही पूर्वानुमान लगाती है। आगंतुकों को PFAS हमेशा के रसायन (forever chemicals) पर सक्रिय अनुसंधान, sludge-to green-hydrogen रूपांतरण मार्ग, Compressed Biogas (CBG) उत्पादन वृद्धि, biomass torrefaction एवं pyrolysis, तथा क्रांतिकारी कार्बनिक प्रदूषकों के उपचार के लिए Advanced Oxidation Processes (AOPs) जैसे क्षेत्रों से अवगत कराया गया। इस संपूर्ण प्रौद्योगिकी ढांचे का आधार है एक डिजिटल रीढ़ SCADA-समर्थित स्वचालन, Digital Twin मॉडलिंग तथा उच्च-परिशुद्धता वाले GC-MS एवं HPLC विश्लेषणात्मक प्लेटफ़ॉर्म एक ऐसी आधारभूत संरचना जो इस केंद्र को विश्व के अग्रणी अनुसंधान केंद्रों के समकक्ष स्थापित करती है। केंद्र के उद्घाटन के अवसर पर श्री वी. के. चौरसिया, संयुक्त सलाहकार (PHEE), केंद्रीय लोक स्वास्थ्य एवं पर्यावरण अभियांत्रिकी संगठन (CPHEEO), आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने कहा भारत का भावी विकास केवल अवसंरचना के पैमाने से ही नहीं, बल्कि इस बात से भी परिभाषित होगा कि इसका निर्माण कितनी बुद्धिमत्ता और सततता के साथ किया जाता है। जल प्रबंधन, अपशिष्ट जल पुनर्चक्रण, अक्षय प्रौद्योगिकियों एवं जलवायु-अनुकूल अवसंरचना में नवाचार हमारे शहरी रूपांतरण के केंद्र में होंगे। WOG Technologies के Research, Development & Technology Centre का शुभारंभ अगली पीढ़ी के पर्यावरणीय समाधानों जो प्रौद्योगिकीय रूप से उन्नत और वैश्विक रूप से प्रासंगिक हैं के विकास में भारतीय उद्योग की बढ़ती भूमिका का प्रतिबिंब है। इस प्रकार की पहलें देश को स्वच्छ, स्मार्ट और संसाधन-दक्ष शहरों की ओर संक्रमण को त्वरित करेंगी। इस अवसर पर बोलते हुए, श्री सुनील राजन, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO), WOG Technologies Limited ने कहा RD&TC हमारे उस दीर्घकालिक संकल्प का मूर्त रूप है, जिसके अंतर्गत हम अपने युग की सबसे प्रमुख जल, अपशिष्ट जल एवं ऊर्जा चुनौतियों के समाधान अभियांत्रिक करते हैं। हम केवल एक अनुसंधान सुविधा का निर्माण नहीं कर रहे; हम एक प्रक्षेपण-मंच (launchpad) का निर्माण कर रहे हैं एक ऐसा स्थान जहाँ स्वदेशी विज्ञान औद्योगिक यथार्थ से मिलता है, जहाँ हमारे अभियंता PFAS, अम्ल पुनः-प्राप्ति, सीवेज-से-हाइड्रोजन और परिपत्र जल प्रणालियों जैसी समस्याओं का समाधान उस तत्परता के साथ कर सकते हैं, जिसकी इस दशक की मांग है। इस केंद्र से, भारत केवल विश्व की सतत प्रौद्योगिकियों को अपनाएगा ही नहीं, बल्कि उनका सृजन भी करेगा।यह केंद्र एक governance-first ढांचे के अंतर्गत संचालित होगा, जिसके प्रकटीकरण (disclosures) SEBI की Business Responsibility and Sustainability Reporting (BRSR) आवश्यकताओं के अनुरूप होंगे यह WOG की पारदर्शिता, जवाबदेही एवं उत्तरदायी नवाचार के प्रति प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करता है। कंपनी अग्रणी IITs एवं वैश्विक अनुसंधान संस्थानों के साथ सक्रिय रूप से साझेदारी कर रही है ताकि अपनी नवाचार पाइपलाइन को और गहन बनाया जा सके तथा अनुसंधान का तैनाती योग्य प्रौद्योगिकी में रूपांतरण त्वरित किया जा सके। RD&TC के शुभारंभ के साथ, WOG Technologies भारत के पर्यावरणीय अभियांत्रिकी क्षेत्र के लिए एक आत्मविश्वासपूर्ण कदम का संकेत देती है, और यह प्रदर्शित करती है कि जल सुरक्षा, औद्योगिक डिकार्बनीकरण एवं परिपत्र अर्थव्यवस्था (circular economy) के लिए विश्व जिन प्रौद्योगिकियों की आवश्यकता रखेगा, उन्हें भारत में निर्मित किया जा सकता है और किया जाएगा।

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