नई दिल्ली – एशिया के सबसे बड़े इंटीग्रेटेड टेक्नोलॉजी इवेंट, ‘बेंगलुरु टेक समिट’ (बीटीएस) 2026 का 29वां संस्करण 17 से 19 नवंबर, 2026 तक बेंगलुरु इंटरनेशनल एग्ज़िबिशन सेंटर (बीआईईसी) में आयोजित किया जाएगा। इस साल समिट की थीम ‘एआई एंड बियॉन्ड’ रखी गई है।बीटीएस 2026 के ‘कर्टेन रेज़र’ के रूप में, कर्नाटक सरकार ने आज नई दिल्ली के ताज पैलेस में उद्योग जगत के साथ एक ‘ओपन डायलॉग’ का आयोजन किया। इसमें दिल्ली-एनसीआर के टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम के प्रमुख स्टेकहोल्डर्स शामिल हुए। इस कार्यक्रम में आईटी, बायोटेक और ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज विभाग के माननीय मंत्री श्री प्रियांक खड़गे मुख्य रूप से उपस्थित रहे और उन्होंने उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ सीधा संवाद किया।इस चर्चा में आईटी, डीपटेक, ईएसडीएम और लाइफ साइंसेज क्षेत्रों के उद्योगपति, स्टार्टअप फाउंडर्स, यूनिकॉर्न लीडर्स, निवेशक और आरएंडडी विशेषज्ञ शामिल हुए। साथ ही एसटीपीआई, नैसकॉम, आईईएसए, टीआईई, आईवीसीए और एबीएलई जैसे प्रमुख उद्योग संगठनों ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने भारत के टेक परिदृश्य से जुड़े अवसरों और चुनौतियों पर कर्नाटक सरकार के नेतृत्व के साथ अपने विचार साझा किए। चर्चा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, फिनटेक, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य उभरती प्रौद्योगिकियों पर विशेष ध्यान दिया गया।श्री प्रियांक खड़गे ने कर्नाटक को वैश्विक नवाचार केंद्र बताते हुए सभी स्टेकहोल्डर्स को बीटीएस 2026 के माध्यम से तकनीकी बदलाव की अगली लहर का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया। कर्नाटक सरकार की आईटी, बायोटेक और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की सचिव डॉ. एन मंजुला (आईएएस) ने राज्य के टेक इकोसिस्टम की मौजूदा स्थिति पर विस्तार से जानकारी दी।इस अवसर पर भारत सरकार के वाणिज्य मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव श्री अतीश कुमार सिंह, बायोकॉन ग्रुप की चेयरपर्सन डॉ. किरण मजूमदार-शॉ, एसटीपीआई के महानिदेशक श्री अरविंद कुमार और नीति आयोग की सुश्री देबजानी घोष ने भी अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में कर्नाटक इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी सोसाइटी के प्रबंध निदेशक श्री राहुल संकनूर (आईएएस), कर्नाटक डिजिटल इकोनॉमी मिशन के सीईओ श्री संजीव गुप्ता और एमएम एक्टिव साई-टेक कम्युनिकेशंस के कार्यकारी अध्यक्ष जगदीश पटणकर भी उपस्थित रहे।कर्नाटक सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी, बायोटेक विभाग द्वारा आयोजित बीटीएस 2026 में 1,800 से अधिक प्रदर्शक, 25,000+ प्रतिनिधि, 1,000+ स्टार्टअप और 75 से अधिक देशों के 60,000+ बिजनेस विजिटर्स के शामिल होने की उम्मीद है। यह तीन दिवसीय समिट 16 अलग-अलग थीम पर आधारित होगी, जिनमें एआई एंड डीपटेक, फिनटेक, हेल्थ व बायोटेक, स्पेसटेक, इंडिया इनोवेशन कॉन्क्लेव और ग्लोबल कोलैबोरेशन जैसे प्रमुख विषय शामिल होंगे। साथ ही डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटर, सर्कुलर इकोनॉमी, ऑरेंज इकोनॉमी और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी जैसे उभरते क्षेत्रों पर भी विशेष फोकस रहेगा।इस बार समिट का एक मुख्य आकर्षण पहली बार आयोजित होने वाला ‘एम्बेडेड वर्ल्ड इंडिया’ होगा। इसमें इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर से जुड़े विशेष कॉन्फ्रेंस ट्रैक और एग्ज़िबिशन पैवेलियन शामिल होंगे। ‘न्यूर्नबर्गमेस इंडिया’ के सहयोग से आयोजित यह पहल वैश्विक हार्डवेयर इनोवेशन और भारत के तेजी से विकसित हो रहे सेमीकंडक्टर व इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम के बीच तालमेल को और मजबूत करेगी।यह समिट एक बड़े स्तर पर ‘मल्टी-पैवेलियन’ प्रदर्शनी की मेजबानी करेगी, जहाँ विभिन्न क्षेत्रों के क्रांतिकारी नवाचारों को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके साथ ही, यहाँ विशेष नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म, निवेशकों से जुड़ने के अवसर और वैश्विक साझेदारियों को बढ़ावा देने वाली पहलें भी देखने को मिलेंगी। कार्यक्रम का एक और बड़ा आकर्षण ‘फ्यूचर मेकर्स’ प्रोग्राम होगा। इसे विशेष रूप से उभरते हुए स्टार्टअप्स को पहचान दिलाने और उन्हें निवेशकों, मेंटर्स व वैश्विक बाजारों से जोड़ने के लिए तैयार किया गया है। इस प्रोग्राम में इन्वेस्टर पिचिंग सेशन, वन-ऑन-वन मेंटरिंग क्लिनिक्स, स्केलिंग और फंडरेजिंग पर आधारित चर्चाएं और ‘फ्यूचर मेकर्स कॉन्क्लेव’ शामिल होंगे, जो फाउंडर्स, इनोवेटर्स और बदलाव लाने वाले दिग्गजों को एक मंच पर लाएंगे।अपने विस्तृत स्वरूप और भविष्यवादी एजेंडा के साथ, बीटीएस 2026 नवाचार को गति देने, सहयोग को बढ़ावा देने और व्यापारिक अवसरों को तेज करने वाले एक प्रमुख प्लेटफॉर्म के रूप में अपनी भूमिका जारी रखेगा। यह समिट टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में कर्नाटक की वैश्विक स्थिति को और मजबूत करेगी और डिजिटल अर्थव्यवस्था के भविष्य को आकार देने में अहम भूमिका निभाएगी।नई दिल्ली में आयोजित ‘ओपन डायलॉग फॉर इंडस्ट्री’ बीटीएस 2026 की तैयारियों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इसने उद्योग जगत की भागीदारी को और गहरा करने के लिए आधार तैयार किया है और टेक्नोलॉजी, इनोवेशन व निवेश के वैश्विक केंद्र के रूप में कर्नाटक की पहचान को और पुख्ता किया है।

 

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