नई दिल्ली – HORIBA Innovation Connect 2026 के पहले संस्करण ने भारत के उभरते टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम से 15 स्टार्टअप्स को एक मंच पर लाया, जहां उन्होंने सेंसर, फ्लो कंट्रोल, स्पेक्ट्रोस्कोपी, ऑप्टिक्स और फोटोनिक्स, क्वांटम टेक्नोलॉजी, डिपोजिशन टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर एप्लिकेशंस के लिए लैब-ग्रोवन डायमंड्स और ऑटोमेशन जैसे क्षेत्रों में अपने इनोवेशन का प्रदर्शन किया। पूरे भारत से प्राप्त करीब 100 रजिस्ट्रेशन में से चयनित इन स्टार्टअप्स ने एक विशेषज्ञ जूरी के समक्ष अपनी तकनीकों को प्रस्तुत किया और HORIBA की तकनीकी एवं नेतृत्व टीम के साथ उनके आगे विकास और संभावित अनुप्रयोगों पर चर्चा की। यह पहल उभरती हुई टेक्नोलॉजी कंपनियों के साथ जुड़ने और अपनी बाहरी इनोवेशन पाइपलाइन को मजबूत करने के लिए HORIBA के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है।Platinum Prize CLUIX Private Limited को प्रदान किया गया, जिसके लिए INR 2 लाख की पुरस्कार राशि दी गई। वहीं, Gold Prize संयुक्त रूप से NeosLab और Matterwave Technologies Pvt. Ltd. को दिया गया , जिसमें दोनों विजेताओं को INR 1 लाख प्रत्येक की पुरस्कार राशि मिली । इन पुरस्कारों के माध्यम से उनकी संबंधित तकनीकों में मौजूद नवीनता, संभावनाओं और रणनीतिक प्रासंगिकता को सम्मानित किया गया।Dr. Masayuki Adachi, Board Member and President, HORIBA, Ltd., Japan, ने कहा, “Innovation Connect, वैश्विक इनोवेशन इकोसिस्टम के साथ जुड़ने और ऐसी तकनीकों की पहचान करने के लिए HORIBA के व्यापक दृष्टिकोण को दर्शाता है, जो मापन और विश्लेषण की अगली पीढ़ी में योगदान दे सकती हैं। उभरते इनोवेटर्स को HORIBA से जोड़कर, यह पहल सार्थक तकनीकी संवाद और भविष्य के उद्योगों को आकार देने वाली तकनीकों की बेहतर समझ के लिए एक मंच तैयार करती है।Dr. Rajeev Gautam, President, HORIBA India, ने कहा, Innovation Connect के पहले संस्करण को मिली प्रतिक्रिया भारत के उभरते टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम की गहराई और उन क्षेत्रों में विकसित हो रहे इनोवेशन की व्यापकता को दर्शाती है, जो मापन, विश्लेषण और औद्योगिक तकनीक के भविष्य से सीधे जुड़े हैं। इसका उद्देश्य केवल संभावनाशील तकनीकों की पहचान करना नहीं है। यह ऐसे सार्थक रास्ते तैयार करने के बारे में है, जिनके माध्यम से स्टार्टअप्स तकनीकी विशेषज्ञता हासिल कर सकें, अपनी क्षमता को परख सकें और जहां रणनीतिक तालमेल हो, वहां वास्तविक दुनिया के अनुप्रयोगों की दिशा में आगे बढ़ सकें।”
