नई दिल्ली – यशोभूमि, द्वारका में ‘आईएमएम इंडिया 2026’ के उद्घाटन संस्करण में उद्योग जगत के दिग्गजों, अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों और प्रमुख हितधारकों को संबोधित करते हुए माननीय केंद्रीय वस्त्र मंत्री श्री गिरिराज सिंह ने भारत के तीव्र आर्थिक विस्तार और एक विश्वसनीय वैश्विक विनिर्माण एवं सोर्सिंग गंतव्य के रूप में इसके उभरते कद पर जोर दिया।देश के विशिष्ट विकास दर्शन को रेखांकित करते हुए श्री गिरिराज सिंह ने कहा,भारत की आर्थिक वृद्धि एक वैश्विक कहानी बन चुकी है। कोविड-19 महामारी के दौरान भारतीय अर्थव्यवस्था का लचीलापन और लगातार बढ़ती जीडीपी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की मजबूत आर्थिक नींव और नीतिगत ढांचे की ताकत को दर्शाती है। आज पूरी दुनिया न केवल भारत की बढ़ती जीडीपी और आर्थिक शक्ति को पहचान रही है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में इसकी बढ़ती भूमिका को भी स्वीकार कर रही है।हालांकि, भारत की विकास यात्रा केवल आर्थिक आंकड़ों तक सीमित नहीं है। ‘विरासत के साथ विकास’ का विजन आधुनिक बुनियादी ढांचे और आर्थिक प्रगति को भारत की समृद्ध विरासत, हथकरघा और हस्तशिल्प के साथ जोड़ता है। वहीं, बढ़ता घरेलू बाजार, बढ़ती खपत और विस्तारित होता निर्यात अर्थव्यवस्था को और अधिक मजबूती प्रदान कर रहे हैं। इस परिवर्तन के केंद्र में ‘इंडिया-फर्स्ट’ (राष्ट्र सर्वोपरि) का दृष्टिकोण है, जो राष्ट्रीय हित और समग्र विकास पर केंद्रित है। यही दृष्टिकोण देश को 2047 तक ‘विकसित भारत’ के संकल्प की ओर ले जाएगा।कोइलनमेसे इंडिया द्वारा आयोजित ‘आईएमएम इंडिया 2026’, फर्नीचर, इंटीरियर और वास्तुकला डिजाइन को समर्पित एक प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय बी2बी मंच है। यह प्रदर्शनी डिजाइन-आधारित विनिर्माण, मूल्य संवर्धन और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में भारत की संभावनाओं को प्रदर्शित करने के लिए निर्माताओं, शिल्पकारों, खुदरा क्षेत्र के दिग्गजों और वैश्विक खरीद प्रतिनिधिमंडलों को एक मंच पर लाती है। आईएमएम इंडिया 2026 में 100 से अधिक प्रदर्शक शामिल हुए और इसने 8,000 से अधिक व्यापारिक खरीदारों को आकर्षित किया, जिससे बिजनेस नेटवर्किंग, सोर्सिंग साझेदारियों और उद्योग सहयोग के लिए एक गतिशील वातावरण तैयार हुआ।

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