नई दिल्ली – आईआईएम बैंगलोर ने अपने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट बैंगलोर दोराबजी टाटा स्कूल ऑफ अंडरग्रेजुएट स्टडीज, जिगानी में अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम्स के पहले बैच का स्वागत किया। 31 अगस्त को आयोजित उद्घाटन समारोह के साथ दुनिया के अग्रणी मैनेजमेंट स्कूलों में शामिल आईआईएमबी ने अंडरग्रेजुएट शिक्षा में प्रवेश किया। बीएससी ऑनर्स डेटा साइंसेज और इकोनॉमिक्स के इस पहले बैच में 20 राज्यों से 80 छात्रों ने प्रवेश लिया है। समारोह में आईआईएमबी लीडरशिप, फैकल्टी, टाटा ट्रस्ट्स के सदस्य और गणमान्य अतिथि मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत प्रो. मुक्ता कुलकर्णी, ऑफिशिएटिंग डीन, यूजी प्रोग्राम्स के स्वागत भाषण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई।अपने संबोधन में डॉ. देवी प्रसाद शेट्टी, चेयरपर्सन, बोर्ड ऑफ गवर्नर्स, आईआईएमबी और चेयरमैन, नारायणा हेल्थ ने इसे भारतीय शिक्षा प्रणाली के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा का आभार जताया और कहा कि यह स्कूल IISc और टाटा मेमोरियल सेंटर जैसी टाटा-समर्थित संस्थाओं की विरासत को आगे बढ़ाता है। उन्होंने बताया कि 25% छात्रों को फुल या पार्शियल स्कॉलरशिप मिली है। जमशेदजी टाटा को उद्धृत करते हुए उन्होंने कहा, “एक स्वतंत्र देश में, अपने विशाल प्राकृतिक संसाधनों के साथ, बौद्धिक क्रांति ही एकमात्र चीज है जो लोगों की स्थिति को ऊपर उठा सकती है। टाटा ट्रस्ट्स के सीईओ सिद्धार्थ शर्मा ने छात्रों से पहले बैच के तौर पर संस्थान की संस्कृति गढ़ने की जिम्मेदारी समझने को कहा। उन्होंने चार सिद्धांतों – ईमानदारी, सत्यनिष्ठा, कड़ी मेहनत और निरंतर सीखने पर जोर दिया और कहा, “संस्थान ईंटों से नहीं, फैकल्टी, टीचिंग, लर्निंग और उत्कृष्टता की संस्कृति से बनते हैं।” उन्होंने बताया कि 2034 तक 80 छात्रों का यह बैच बढ़कर 2,400 छात्र और 150 फैकल्टी तक होगा। प्रो. यू. दिनेश कुमार, डायरेक्टर-इन-चार्ज, आईआईएमबी ने 100 एकड़ से अधिक जमीन देने के लिए कर्नाटक सरकार और एक्सिस बैंक, स्टेट स्ट्रीट, विप्रो जैसे पार्टनर्स का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह चार साल वन-वे ट्रैफिक नहीं, बल्कि फैकल्टी के साथ मिलकर ज्ञान सृजन की प्रक्रिया होगी। बैच में डेटा साइंसेज और इकोनॉमिक्स में 40-40 छात्र हैं, 56 पुरुष और 24 महिला। आधे से अधिक के 12वीं में 90% से अधिक अंक हैं। महाराष्ट्र से 18, कर्नाटक से 13 और यूपी से 10 छात्र हैं।
