नई दिल्ली – भारतीय सेना ने बॉर्डर रोड्स ऑर्गेनाइजेशन और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर नॉर्थ सिक्किम में फंसे पर्यटकों को ऑपरेशन हिमसेतु के तहत सुरक्षित बाहर निकाला।यह ऑपरेशन तब शुरू किया गया जब एक भूस्खलन से तारामचू के आगे सड़क का एक जरूरी हिस्सा टूट गया। इससे चट्टेन का रास्ता बंद हो गया और सैकड़ों पर्यटक वहां फंस गए। भारतीय सेना के इंजीनियर त्रिशक्ति सैपर्स ने तुरंत काम शुरू किया और रास्ता ठीक करने में जुट गए। इस ऑपरेशन में एक खास काम यह रहा कि टूटे हुए रास्ते पर जल्दी से एक अस्थायी पैदल पुल बनाया गया। इससे लोगों को सुरक्षित निकलने में मदद मिली, भले ही मौसम और रास्ता मुश्किल था। इसके अलावा, टीमों ने डोंक्याला पास पर जमी भारी बर्फ भी साफ की, ताकि रास्ता खुला रहे और काम चलता रहे। अच्छी योजना और सभी टीमों के साथ मिलकर काम करने से कुल 1,170 पर्यटकों और 70 मोटरसाइकिलों को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित बाहर निकाला गया। यह ऑपरेशन दिखाता है कि भारतीय सेना मुश्किल समय में लोगों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहती है। भारतीय सेना के एक प्रवक्ता ने कहा, ऑपरेशन हिमसेतु हमारे ‘सेवा पहले’ के सिद्धांत को दिखाता है। हमारे सैनिकों और इंजीनियरों ने बीआरओ और प्रशासन के साथ मिलकर तेजी से काम किया और हर फंसे हुए व्यक्ति को सुरक्षित निकाला। हम हमेशा लोगों की मदद के लिए तैयार हैं, विशेषकर नॉर्थ सिक्किम जैसे मुश्किल इलाकों में। ऑपरेशन हिमसेतु की सफलता यह दिखाती है कि भारतीय सेना आपदा के समय तुरंत मदद करने में सक्षम है और लोगों के लिए एक भरोसेमंद ताकत है।
