नई दिल्ली – डीपी वर्ल्ड की कंपनी ड्रायडॉक्स वर्ल्ड और कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड ने आज कोचीन स्थित इंटरनेशनल शिप रिपेयर फैसिलिटी के संचालन और विस्तार के लिए संयुक्त उपक्रम समझौते पर हस्ताक्षर करने की घोषणा की।इस समझौते पर कैप्टन राडो एंटोलोविक, पीएचडी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, ड्रायडॉक्स वर्ल्ड और श्री जोस वी. जे., अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड ने नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 के दौरान हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर श्री सर्बानंद सोनोवाल, माननीय केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री और महामहिम ओमरान शरीफ अलहाशिमी, संयुक्त अरब अमीरात के उन्नत विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मामलों के सहायक विदेश मंत्री उपस्थित रहे।यह समझौता ड्रायडॉक्स वर्ल्ड और सीएसएल के बीच इंडिया मैरीटाइम वीक 2025 के दौरान हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर आधारित है। इसके तहत दोनों संगठनों ने जहाज मरम्मत और इससे संबंधित समुद्री सेवाओं के क्षेत्र में सहयोग के अवसर तलाशने पर सहमति जताई थी। अब दोनों कंपनियों ने 50:50 के संयुक्त उपक्रम के माध्यम से इस सहयोग को औपचारिक रूप दे दिया है, जो भारत के जहाज मरम्मत क्षेत्र में अपनी तरह की पहली सार्वजनिक-निजी भागीदारी की स्थापना का प्रतीक है।इस व्यवस्था के तहत संयुक्त उपक्रम कोचीन स्थित इंटरनेशनल शिप रिपेयर फैसिलिटी का संचालन, समेकन और विस्तार करेगा। इससे विभिन्न प्रकार के जहाजों की सेवा के लिए अतिरिक्त क्षमता विकसित होगी और भारतीय, क्षेत्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों की बढ़ती आवश्यकताओं को पूरा किया जा सकेगा।इस साझेदारी से कोचीन की समुद्री सेवाओं के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थिति और मजबूत होने की उम्मीद है, साथ ही केरल में जहाज मरम्मत, इंजीनियरिंग, फैब्रिकेशन और इससे संबंधित समुद्री सेवाओं के क्षेत्र में नए अवसर पैदा होंगे।श्री सर्बानंद सोनोवाल, केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री, ने कहा यह संयुक्त उपक्रम भारत के जहाज मरम्मत पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और केरल के लिए एक अग्रणी समुद्री सेवा केंद्र के रूप में उभरने का बड़ा अवसर है। कोचीन शिपयार्ड की विशेषज्ञता को ड्रायडॉक्स वर्ल्ड की वैश्विक क्षमताओं के साथ जोड़कर यह साझेदारी केरल के लिए नई क्षमता, कौशल और आर्थिक अवसर पैदा करेगी तथा भारत की समुद्री प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाएगी। यह समुद्री अमृत काल विजन 2047 के तहत आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी समुद्री क्षेत्र के निर्माण के हमारे दृष्टिकोण को समर्थन प्रदान करता है।महामहिम ओमरान शरीफ अलहाशिमी, संयुक्त अरब अमीरात के उन्नत विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मामलों के सहायक विदेश मंत्री, ने कहा संयुक्त अरब अमीरात और भारत के बीच लंबे समय से मजबूत संबंध हैं, जो आपसी विश्वास, आर्थिक सहयोग और विकास के नए रास्ते बनाने की साझा महत्वाकांक्षा पर आधारित हैं। ड्रायडॉक्स वर्ल्ड और कोचीन शिपयार्ड के बीच यह संयुक्त उपक्रम इस बात का एक मजबूत उदाहरण है कि यह साझेदारी किस प्रकार ठोस औद्योगिक परिणामों में बदल सकती है और भारत की समुद्री क्षमताओं को मजबूत करने के लिए पूरक विशेषज्ञताओं को एक साथ ला सकती है। भारत की बढ़ती समुद्री क्षमता को संयुक्त अरब अमीरात के वैश्विक अनुभव के साथ जोड़कर इस तरह के सहयोग अधिक प्रभावी जहाज मरम्मत सेवाओं को समर्थन दे सकते हैं, समुद्री संपर्क को मजबूत कर सकते हैं और दोनों देशों के बीच व्यापार एवं वाणिज्य की निरंतर वृद्धि में योगदान दे सकते हैं।कैप्टन राडो एंटोलोविक, पीएचडी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, ड्रायडॉक्स वर्ल्ड, ने कहा कोचीन शिपयार्ड के साथ यह साझेदारी भारत के जहाज मरम्मत उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और पिछले वर्ष हुए हमारे एमओयू की मजबूत नींव पर आधारित है। कोचीन शिपयार्ड की स्थानीय विशेषज्ञता और कुशल कार्यबल को ड्रायडॉक्स वर्ल्ड की वैश्विक क्षमताओं और प्रौद्योगिकी के साथ जोड़कर हम विश्वस्तरीय जहाज मरम्मत सेवाओं का निर्माण कर रहे हैं। हमारी महत्वाकांक्षा केवल एक सुविधा तक सीमित नहीं है हम पूरे भारत में जहाज मरम्मत और फैब्रिकेशन क्षमताओं के विस्तार के अवसर देखते हैं।श्री जोस वी. जे.अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड, ने कहा ड्रायडॉक्स वर्ल्ड दुबई के साथ यह संयुक्त उपक्रम भारत को वैश्विक जहाज मरम्मत केंद्र बनाने की दिशा में एक निर्णायक पड़ाव है। सीएसएल के गहरे घरेलू अनुभव को डीडब्ल्यू की विश्वस्तरीय विशेषज्ञता के साथ जोड़कर हम केवल कारोबार का विस्तार नहीं कर रहे हैं, बल्कि वैश्विक सर्वोत्तम प्रक्रियाओं को अपना रहे हैं, टर्नअराउंड समय को कम कर रहे हैं और गुणवत्ता तथा सुरक्षा के नए मानक स्थापित कर रहे हैं। कोच्चि स्थित इंटरनेशनल शिप रिपेयर फैसिलिटी को केंद्र में रखकर यह साझेदारी एक सशक्त जहाज मरम्मत क्लस्टर के विकास को गति देगी, अंतरराष्ट्रीय जहाज बेड़ों को आकर्षित करेगी, उच्च-कुशल रोजगार के अवसर पैदा करेगी तथा समुद्री भारत 2030 और अमृत काल 2047 के विजन को आगे बढ़ाएगी।यह साझेदारी सीएसएल की स्थापित जहाज निर्माण एवं मरम्मत क्षमताओं, इंजीनियरिंग विशेषज्ञता और कुशल कार्यबल को ड्रायडॉक्स वर्ल्ड के उच्चस्तरीय जहाज मरम्मत एवं रखरखाव, बड़े पैमाने पर जहाजों के रूपांतरण तथा ऑफशोर इंजीनियरिंग, खरीद एवं निर्माण (ईपीसी) के क्षेत्र में वैश्विक अनुभव के साथ जोड़ती है।प्रमुख अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों के किनारे रणनीतिक रूप से स्थित यह सुविधा अत्याधुनिक शिप लिफ्ट प्रणाली और आधुनिक डॉकिंग सुविधाओं से लैस है, जो विभिन्न प्रकार के जहाजों की सेवा करने में सक्षम हैं।ड्रायडॉक्स वर्ल्ड और कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड, दोनों की संयुक्त उपक्रम में 50 प्रतिशत-50 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी। प्रारंभिक पूंजी दोनों पक्षों द्वारा इक्विटी योगदान के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।

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