नई दिल्ली – रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट के क्षेत्र में एक नई और महत्वपूर्ण चिकित्सा उपलब्धि राष्ट्रीय राजधानी में चर्चा का केंद्र बनने जा रही है। दुनिया की पहली एक्टिव रोबोट-असिस्टेड सर्जरी, जिसमें नॉन-मेटालिक सिरेमिक नी रिप्लेसमेंट किया गया है, को लेकर 16 सितंबर को नई दिल्ली स्थित आईटीसी शेरेटन, साकेत में विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी।प्रेस कॉन्फ्रेंस में डॉ. सुजॉय भट्टाचार्जी, चेयरमैन एवं चीफ, मैक्स इंस्टीट्यूट ऑफ रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट, मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, साकेत, दिल्ली, मुख्य वक्ता होंगे। वहीं, जर्मनी के प्रसिद्ध ऑर्थोपेडिक सर्जन और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त विशेषज्ञ प्रो. डॉ. माइकल वैगनर विशेष अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल होंगे।एक्टिव रोबोटिक तकनीक और सिरेमिक नी रिप्लेसमेंट पर विशेषज्ञ चर्चा कार्यक्रम में नॉन-मेटालिक सिरेमिक नी रिप्लेसमेंट की तकनीक, इसके क्लिनिकल पहलुओं और पारंपरिक नी रिप्लेसमेंट से इसके अंतर पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। विशेषज्ञ यह भी बताएंगे कि एक्टिव रोबोटिक तकनीक सर्जरी के दौरान सटीकता बढ़ाने में किस तरह भूमिका निभा सकती है।इसके अलावा मरीजों के लिए संभावित लाभ, रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट में हालिया तकनीकी प्रगति और उन्नत घुटना प्रत्यारोपण तकनीकों के भविष्य पर भी विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे।कार्यक्रम के समापन पर मीडिया इंटरैक्शन और प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित होगा, जिसमें डॉ. सुजॉय भट्टाचार्जी और प्रो. डॉ. माइकल वैगनर पत्रकारों के सवालों का जवाब देंगे। इस दौरान नई तकनीक, सर्जिकल प्रक्रिया और जॉइंट रिप्लेसमेंट के भविष्य पर इसके संभावित प्रभावों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा होगी।डॉ. सुजॉय भट्टाचार्जी: रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट में अग्रणी योगदान डॉ. सुजॉय भट्टाचार्जी प्रमुख रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जन हैं और रोबोटिक तथा मिनिमली इनवेसिव जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचाने जाते हैं। वे भारत में उन्नत आर्थ्रोप्लास्टी कार्यक्रमों का नेतृत्व कर रहे हैं, जिसमें डे-केयर रोबोटिक नी रिप्लेसमेंट सर्जरी भी शामिल है।रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट के क्षेत्र में उनके योगदान को लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स सहित विभिन्न रिकॉर्ड एवं उपलब्धि मंचों पर मान्यता मिली है।डॉ. भट्टाचार्जी ऑटोनॉमस रोबोटिक नी सिस्टम, मांसपेशियों को सुरक्षित रखने वाली सबवास्टस तकनीक और नो-टॉर्निकेट तकनीक से जुड़े कार्य के लिए भी जाने जाते हैं। वे रोबोटिक जॉइंट सर्जरी सिस्टम के रिसर्च एवं डेवलपमेंट से जुड़े रहे हैं और उनकी विशेषज्ञता सब-मिलीमीटर सर्जिकल सटीकता, तेज रिकवरी प्रोटोकॉल तथा जटिल प्राइमरी एवं रिविजन आर्थ्रोप्लास्टी में है।एक वैश्विक की-ओपिनियन लीडर के रूप में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सर्जनों के प्रशिक्षण के साथ-साथ रोबोटिक सिस्टम और इम्प्लांट डिजाइन से जुड़े विषयों पर मेडिकल टेक्नोलॉजी विशेषज्ञों को सलाह देने में भी योगदान दिया है।प्रो. डॉ. माइकल वैगनर चार दशकों का अंतरराष्ट्रीय ऑर्थोपेडिक अनुभव प्रो. डॉ. माइकल वैगनर जर्मनी के प्रसिद्ध ऑर्थोपेडिक सर्जन और क्लिनिकम नूर्नबर्ग के पूर्व चेयरमैन हैं। उन्हें चार दशकों से अधिक का सर्जिकल और क्लिनिकल नेतृत्व अनुभव प्राप्त है।डिजाइनर सर्जन’ के रूप में पहचाने जाने वाले प्रो. वैगनर ने प्राइमरी और रिविजन टोटल हिप आर्थ्रोप्लास्टी (THA) के लिए फेमोरल स्टेम, एसीटैबुलर कप और प्रिसिजन इंस्ट्रूमेंटेशन के विकास एवं वैलिडेशन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।उनका अकादमिक योगदान भी व्यापक रहा है। उनके कई शोध प्रकाशनों को 530 से अधिक बार उद्धृत किया जा चुका है। उनकी विशेषज्ञता क्लिनिकल ऑर्थोपेडिक्स, बायोमैकेनिक्स, इम्प्लांट डिजाइन, मेडिकल-डिवाइस रिसर्च एवं डेवलपमेंट और अंतरराष्ट्रीय क्लिनिकल एडवाइजरी भूमिकाओं तक फैली हुई है।रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट के भविष्य पर नजर यह प्रेस कॉन्फ्रेंस एक्टिव रोबोटिक तकनीक और नॉन-मेटालिक सिरेमिक इम्प्लांट के संयोजन को समझने का अवसर प्रदान करेगी। चर्चा में यह भी देखा जाएगा कि यह तकनीकी दिशा घुटना प्रत्यारोपण में सर्जिकल सटीकता और क्लिनिकल परिणामों को आगे बढ़ाने में किस तरह संभावित भूमिका निभा सकती है।विशेषज्ञों के बीच होने वाली चर्चा में रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट के क्षेत्र में उभरती तकनीकों, उन्नत इम्प्लांट समाधानों और भविष्य की सर्जिकल प्रक्रियाओं पर भी विचार साझा किए जाएंगे।यह आयोजन रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट के तेजी से विकसित होते क्षेत्र में तकनीक, सर्जिकल विशेषज्ञता और उन्नत इम्प्लांट डिजाइन के संभावित संगम को सामने लाने का मंच बनेगा।

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