नई दिल्ली – भारत के वित्त, प्रौद्योगिकी और प्रशासनिक क्षेत्रों के चार प्रतिष्ठित नेता दीपक पारेख, एस. रामदोराई, एम. दामोदरन और एस. रवि वन वर्ल्ड वन फैमिली (OWOF) मिशन के अंतर्गत आने वाले संस्थानों के सलाहकार बोर्ड से जुड़े हैं। इससे इस मानवीय पहल की प्रशासनिक और संस्थागत संरचना को और मजबूती मिलेगी। एचडीएफसी लिमिटेड के पूर्व चेयरमैन और पद्म भूषण से सम्मानित दीपक पारेख, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के पूर्व चेयरमैन एम. दामोदरन, और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) के पूर्व चेयरमैन एस. रवि को प्रशांति बालमंदिर ट्रस्ट के सलाहकार बोर्ड में शामिल किया गया है। यह ट्रस्ट मिशन की निःशुल्क शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी पहलों को समर्थन देता है। वहीं टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के पूर्व सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर तथा पद्म भूषण से सम्मानित एस. रामदोराई को श्री सत्य साई यूनिवर्सिटी फॉर ह्यूमन एक्सीलेंस (SSSUHE) के सलाहकार बोर्ड में शामिल किया गया है। इन नेताओं के जुड़ने से HDFC, TCS, SEBI और BSE जैसे देश के प्रमुख संस्थानों का दशकों का नेतृत्व अनुभव मिशन के साथ जुड़ेगा, जिससे इसके सेवा कार्यों के विस्तार के लिए बेहतर प्रशासनिक निगरानी और रणनीतिक मार्गदर्शन मिलेगा। इस अवसर पर दीपक पारेख ने कहा कि ट्रस्ट द्वारा बड़े स्तर पर दी जा रही निःशुल्क और मूल्य आधारित शिक्षा तथा स्वास्थ्य सेवाएं एक ऐसा मॉडल हैं जिन्हें व्यापक पहचान और विस्तार मिलना चाहिए। एस. रामदोराई ने कहा कि यह विश्वविद्यालय छात्रों में चरित्र, ज्ञान और सेवा की भावना को विकसित करते हुए उच्च गुणवत्ता की निःशुल्क उच्च शिक्षा प्रदान कर रहा है। एम. दामोदरन ने कहा कि यह ट्रस्ट इस बात का उदाहरण है कि पारदर्शी प्रशासन और मूल्य आधारित नेतृत्व किस प्रकार एक मानवीय दृष्टि को वास्तविक सामाजिक प्रभाव में बदल सकता है।एस. रवि ने ग्रामीण पृष्ठभूमि के छात्रों को बिना आर्थिक बोझ के पेशेवर शिक्षा प्राप्त करने के अवसर प्रदान करने के महत्व पर जोर दिया। इन सलाहकारों का स्वागत करते हुए वन वर्ल्ड वन फैमिली मिशन के संस्थापक सद्गुरु श्री मधुसूदन साई ने कहा कि उनके मार्गदर्शन से मिशन की सेवा गतिविधियों को और मजबूती मिलेगी। वन वर्ल्ड वन फैमिली मिशन 100 देशों में कार्यरत है और निःशुल्क स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और पोषण कार्यक्रम संचालित कर रहा है। भारत में प्रशांति बालमंदिर ट्रस्ट कक्षा 6 से पीएचडी तक निःशुल्क शिक्षा प्रदान करता है। इसके तहत भारत का पहला निःशुल्क निजी ग्रामीण मेडिकल कॉलेज भी स्थापित किया गया है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मार्च 2023 में किया था। इसके अलावा, हाल ही में दुनिया के सबसे बड़े निःशुल्क निजी अस्पतालों में से एक का निर्माण भी पूरा हो चुका है और इसके जल्द उद्घाटन की उम्मीद है।

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