नई दिल्ली – जनकपुरी स्थित ए-3 ब्लॉक डीडीए मार्केट में पंचमुखी हनुमान जी का एक भव्य और आस्था का केंद्र बनता जा रहा मंदिर श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस मंदिर के निर्माण का सपना महान ज्योतिषी पंकज खन्ना ने देखा था, जो उनके लिए एक महान और पवित्र संकल्प था। बताया जाता है कि उन्हें बार-बार स्वप्न में दिव्य संकेत मिलता था कि पंचमुखी हनुमान जी का मंदिर स्थापित किया जाए। इसी आस्था और विश्वास के साथ उन्होंने मंदिर के निर्माण का संकल्प लिया। उनका मानना था कि इस मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की समस्याएँ स्वयं ही दूर होने लगेंगी।मंदिर में स्थापित पंचमुखी हनुमान जी की प्रतिमा लगभग 40 वर्ष पुरानी है। वर्तमान स्थान पर इस प्रतिमा की पुनः प्राण-प्रतिष्ठा 25 नवंबर 2025 को विधिवत धार्मिक अनुष्ठानों के साथ की गई। मंदिर समिति के अनुसार प्रतिमा को सवा लाख मंत्रों के जप द्वारा सिद्ध कर स्थापित किया गया है। पंचमुखी हनुमान जी का स्वरूप अत्यंत शक्तिशाली, करुणामय और कल्याणकारी माना जाता है। मान्यता है कि यह दिव्य रूप सभी प्रकार की बाधाओं, संकटों और शत्रुओं का नाश करने की शक्ति रखता है। मंदिर में प्रत्येक माह सवा लाख बार हनुमान चालीसा का पाठ किया जाता है, जिससे यहाँ की आध्यात्मिक ऊर्जा अत्यंत प्रबल मानी जाती है। हर मंगलवार सायंकाल भव्य आरती का आयोजन होता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर अपनी मनोकामनाएँ लेकर हनुमान जी के चरणों में प्रार्थना करते हैं।
