नई दिल्ली – इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा आयोजित परम वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा जी की जन्मशताब्दी एवं अखण्ड दीप शताब्दी का तीन दिवसीय महोत्सव ज्ञान यज्ञ की मशाल रैली और विश्व कल्याण के संकल्प के साथ संपन्न हुआ। समापन समारोह में विश्व शांति, मानवीय एकता और युग निर्माण के संकल्प को आगे बढ़ाने का आह्वान किया गया।भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डी.वाई. चंद्रचूड़ ने संत ज्ञानेश्वर के ‘पसायदान’ का उल्लेख करते हुए कहा कि धार्मिक ग्रंथों में वर्णित जीवन मूल्यों के अनुरूप आचरण करने से व्यक्ति में संतोष, प्रसन्नता और सद्भाव विकसित होता है। उन्होंने सभी प्राणियों के प्रति प्रेम, मैत्री और सद्भाव रखने तथा द्वेष और शत्रुता त्यागने का संदेश दिया।केंद्रीय मंत्री श्री पीयूष गोयल ने माता भगवती देवी शर्मा जी के जीवन को सेवा, समर्पण, सादगी और सामाजिक समन्वय की मिसाल बताया। उन्होंने कहा कि गायत्री परिवार आध्यात्मिक चेतना, मानवीय मूल्यों और समाज कल्याण के आदर्शों से जुड़ा विशाल परिवार है।विदाई सत्र में देव संस्कृति विश्वविद्यालय के उपाध्यक्ष डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने वर्ष 2026 को गायत्री परिवार के लिए ‘सौभाग्य का प्रयाग’ बताते हुए कहा कि गुरुदेव-माताजी के विचारों और आदर्शों को समाज में स्थापित करना प्रत्येक गायत्री परिजन का दायित्व है। उन्होंने भावपूर्ण शब्दों में कहा, “गुरुदेव-माताजी के संकल्पों की ज्योति कभी नहीं बुझेगी।ज्ञान यज्ञ की मशाल रैली के साथ संपन्न हुआ यह महोत्सव इस संकल्प का प्रतीक बना कि आयोजन समाप्त हुआ है, लेकिन विचार क्रांति, व्यक्ति निर्माण, परिवार निर्माण और राष्ट्र निर्माण की यात्रा निरंतर जारी रहेगी। इस अवसर पर दिया संगठन दिल्ली सहित आयोजन में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले साधकों को सम्मानित किया गया।

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