नई दिल्ली – स्तन कैंसर जागरुकता माह के अवसर पर इंडियन कैंसर सोसाइटी दिल्ली ने गुलाबी एक्सप्रेस’ कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में स्तन कैंसर से जूझ रहे मरीजों और कैंसर सर्वाइवर्स ने हिस्सा लिया। इसका उद्देश्य स्तन कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ मरीजों और सर्वाइवर्स को एक-दूसरे से जुड़ने और भावनात्मक संबल प्राप्त करने का अवसर देना था। उम्मीद का सफर, बेहतर कल की ओर’ थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य संबंधी जानकारी, संगीत और कई रोचक गतिविधियों को शामिल किया गया।इंडियन कैंसर सोसाइटी, दिल्ली की सचिव रेणुका प्रसाद ने कहा,स्तन कैंसर जागरुकता माह स्तन कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने, इसकी जल्द पहचान के महत्व को रेखांकित करने और लोगों को समय पर डॉक्टरी सलाह लेने के लिए प्रोत्साहित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। हमारा उद्देश्य जागरूकता के माध्यम से स्तन कैंसर की रोकथाम के प्रयासों को मजबूत करना और यह सुनिश्चित करना है कि सभी को सही जानकारी और उचित देखभाल मिल सके। मैं पिछले 30 वर्षों से स्तन कैंसर सर्वाइवर हूं और इस अनुभव से समझती हूं कि कैंसर का पता चलने के बाद मरीजों को किन भावनात्मक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। किसी को भी कैंसर के सफर का सामना अकेले नहीं करना चाहिए। ब्रेस्ट कैंसर गुलाबी एक्सप्रेस’ जैसी पहलों के माध्यम से हम एक ऐसा सहयोगपूर्ण मंच तैयार करना चाहते हैं, जहां मरीज और सर्वाइवर्स आपस में जुड़ सकें और कैंसर के सफर का सामना करने के लिए भावनात्मक मजबूती हासिल कर सकें।कार्यक्रम में डॉ. अभिरुचि तुली ने स्वास्थ्य में संगीत की भूमिका पर एक सत्र लिया। इसके बाद ऑन्कोलॉजिस्ट लेफ्टिनेंट कमांडर डॉ. अनुष्री वर्तक (सेवानिवृत्त) ने मरीजों के साथ संवाद किया और उनके सवालों के जवाब दिए। स्तन कैंसर से जुड़े मिथकों और तथ्यों पर आधारित एक क्विज के माध्यम से भी प्रतिभागियों को जागरूक किया गया।कार्यक्रम में पिंक फोटो फ्रेम चैलेंज’ और वीडियो संदेशों जैसी गतिविधियां भी आयोजित की गईं। वीडियो संदेशों के जरिए प्रतिभागियों को कैंसर की पहचान, इलाज, लक्षणों और सावधानियों से जुड़े अपने अनुभव साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। अनौपचारिक बातचीत के दौरान मरीजों और सर्वाइवर्स को आपस में जुड़ने और अपने अनुभव साझा करने का अवसर मिला।इस पहल ने कैंसर देखभाल में चिकित्सकीय जानकारी के साथ भावनात्मक सहयोग और आपसी संवाद के महत्व को रेखांकित किया। ऐसे मंच मरीजों की चिंताओं को दूर करने, उनके अकेलेपन को कम करने और इलाज के दौरान सकारात्मकता बनाए रखने में मदद कर सकते हैं।हर साल अक्टूबर में मनाया जाने वाला स्तन कैंसर जागरुकता माह स्तन कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने, समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने और शुरुआती पहचान के महत्व को रेखांकित करने का अवसर प्रदान करता है। गुलाबी एक्सप्रेस’ जैसी पहल के माध्यम से इंडियन कैंसर सोसाइटी कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने और मरीजों एवं सर्वाइवर्स के लिए सहयोग, संवाद तथा अनुभव साझा करने के अवसर तैयार करने की दिशा में काम कर रही है।

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