नई दिल्ली – थाईलैंड के बैंकॉक स्थित सिल्पाकोर्न विश्वविद्यालय में पंचम वैश्विक संस्कृत सम्मेलन आयोजित हुआ। भारतीय ज्ञान परम्परा पर आयोजित इस सम्मेलन का संयुक्त आयोजन ग्लोबल संस्कृत फोरम, भारत, सिल्पाकोर्न विश्वविद्यालय के संस्कृत अध्ययन केन्द्र, पुरातत्त्व संकाय तथा थाई भारत सांस्कृतिक लॉज, बैंकॉक ने किया। उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि थाईलैंड में भारत के राजदूत श्री पुनीत अग्रवाल तथा समारोह के अध्यक्ष पद्मश्री प्रो. डॉ. चिरापत प्रपाण्डविद्या थे। विशिष्ट अतिथियों में डॉ. बालमुकुन्द पाण्डेय एवं प्रो. बलराम पाणी डीन,दिल्ली विश्वविद्यालय सम्मिलित रहे। सम्मेलन के संयोजक डॉ. राजेश कुमार मिश्र तथा आयोजन सचिव डॉ. वुथिफोंग थाविनसोम्बत थे। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में ज्योत्स्ना बंसल की पुस्तक ‘तर्कन्यूमरो नंबर्स थ्रू दी लॉजिक ऑफ इंडियन फिलॉसफी’ का लोकार्पण विशेष आकर्षण रहा। तर्कन्यूमरो के माध्यम से उन्होंने अन्नम्भट्ट के तर्कसंग्रह पर आधारित भारतीय दर्शन के सिद्धान्तों और अंकज्योतिष के बीच एक मौलिक वैचारिक सम्बन्ध प्रस्तुत किया है। इस प्रकार भारतीय दर्शन और अंकज्योतिष को शोधपरक रूप से जोड़कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पुस्तक प्रस्तुत करने वाली वे पहली भारतीय महिला अंकशास्त्री हैं। समापन समारोह में पद्मश्री प्रो. डॉ. चिरापत प्रपाण्डविद्या की अध्यक्षता में मुख्य अतिथि प्रो. सुषमा यादव, सारस्वत अतिथि प्रो. रजनीश कुमार शुक्ल एवं डॉ. आई मेड धर्मसा (इंडोनेशिया) की गरिमामयी उपस्थिति रही। अंतरराष्ट्रीय मंच पर तर्कन्यूमरो का लोकार्पण भारतीय ज्ञान परम्परा, भारतीय दर्शन और अंकज्योतिष को वैश्विक पाठक वर्ग तक पहुँचाने तथा इनके बीच एक नए संवाद की दिशा में एक महत्वपूर्ण और उल्लेखनीय पहल है।

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