नई दिल्ली – भारत के सबसे बड़े नेत्र देखभाल नेटवर्क में से एक, डॉ. अग्रवाल्स आई हॉस्पिटल ने दिल्ली-NCR की जानी-मानी आई केयर संस्था नेत्रम आई सेंटर के साथ गठबंधन किया। ग्रेटर कैलाश-2  और लोनी में स्थित नेत्रम आई सेंटर अब डॉ. अग्रवाल्स आई हॉस्पिटल नेटवर्क का हिस्सा हैं। इसके साथ ही दिल्ली-NCR में नेटवर्क के सेंटरों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है। इस साझेदारी से पूरे क्षेत्र में उन्नत और विशेषज्ञ नेत्र उपचार तक लोगों की पहुंच और आसान होगी, साथ ही उत्तर भारत में डॉ. अग्रवाल्स आई हॉस्पिटल की बढ़ती मौजूदगी और मजबूत होगी।नेत्रम आई सेंटर और डॉ. अग्रवाल्स आई हॉस्पिटल की खूबियां एक-दूसरे की पूरक हैं, चाहे वह क्लिनिकल विशेषज्ञता हो, नेटवर्क की पहुंच हो या समुदाय से जुड़ाव। दिल्ली-NCR के मरीजों को अब आंखों की कहीं ज्यादा विशेषज्ञताओं, उन्नत प्रक्रियाओं और विशेष इलाज की सुविधा मिलेगी, वह भी उनके घर के और करीब।डॉ. आशर अग्रवाल, चीफ बिज़नेस ऑफिसर, डॉ. अग्रवाल्स आई हॉस्पिटल, ने कहा,दिल्ली-NCR में हेल्थकेयर की मांग बहुत बड़ी है और यहां उन्नत, विशेषज्ञ नेत्र उपचार की जरूरत भी है, इसलिए यह क्षेत्र हमारे विकास के सफर का अहम हिस्सा है। नेत्रम आई सेंटर के साथ हमारी साझेदारी से दिल्ली-NCR में हमारी मौजूदगी मजबूत होगी और क्लिनिकल विशेषज्ञता, तकनीक और मरीजों की देखभाल, तीनों की पूरक खूबियां एक साथ आएंगी।उन्होंने आगे कहा,डॉ. अग्रवाल्स आई हॉस्पिटल की एक बड़ी ताकत यह है कि हम आजमाई हुई तकनीकें, अपने यहां विकसित इनोवेशन और मानकीकृत क्लिनिकल सिस्टम उन इलाकों तक पहुंचाते हैं, जहां उनका सबसे ज्यादा असर हो सके। इन क्षमताओं को दिल्ली-NCR तक ले जाकर हम मरीजों को उन्नत नेत्र उपचार और विशेषज्ञता का लाभ दे पा रहे हैं।दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा, फरीदाबाद, गाजियाबाद और रोहतक में मौजूदगी के साथ NCR के मरीजों को आंखों की कई विशेषज्ञताओं और उन्नत प्रक्रियाओं का लाभ मिलता है। इनमें रोबोटिक मोतियाबिंद सर्जरी, SMILE और SILK जैसी रिफ्रैक्टिव प्रक्रियाएं, और ऑकुलोप्लास्टी, ग्लूकोमा, भेंगापन (स्क्विंट), ऑक्युलर ऑन्कोलॉजी और बाल नेत्र रोग जैसी सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं शामिल हैं।उत्तर भारत में अपनी मौजूदगी बढ़ाने के लिए डॉ. अग्रवाल्स आई हॉस्पिटल की कई नई परियोजनाएं भी आने वाली हैं। इनमें मॉडल टाउन, रोहिणी और न्यू गुरुग्राम के साथ-साथ हरियाणा के भिवानी और रेवाड़ी में खुलने वाले नए सेंटर शामिल हैं।डॉ. अंचल गुप्ता, संस्थापक एवं वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ, नेत्रम आई सेंटर और हेड क्लिनिकल सर्विसेज, ग्रेटर कैलाश, ने कहा, डॉ. अग्रवाल्स आई हॉस्पिटल के साथ यह साझेदारी हमारे लिए एक नए और रोमांचक अध्याय की शुरुआत है। अब हम अपनी सोच को बेहतर क्लिनिकल क्षमताओं, उन्नत इलाज और बड़े दायरे के साथ आगे बढ़ा सकेंगे। इस साझेदारी को खास बनाती है गुणवत्ता और मरीज-केंद्रित देखभाल के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता, जिसे अब एक बड़ा मंच मिलेगा। हमें दिल्ली-NCR में विशेषज्ञ नेत्र उपचार की पहुंच बढ़ाने की भरपूर संभावनाएं दिखती हैं और समय के साथ हम पूरे देश में सुलभ और उन्नत नेत्र देखभाल के बड़े लक्ष्य में योगदान देना चाहते हैं।डॉ. अग्रवाल्स आई हॉस्पिटल के बारे में डॉ. अग्रवाल्स आई हॉस्पिटल नेत्र चिकित्सा में अपने अग्रणी योगदान के लिए दुनियाभर में जाना जाता है। कई ऐतिहासिक सर्जिकल तकनीकों की परिकल्पना, विकास और पहली सर्जरी इसके चिकित्सकों ने ही की, और आज इन्हें दुनियाभर के नेत्र सर्जन अपनाते हैं। इनमें शामिल हैं ग्लूड इंट्राओकुलर लेंस (Glued IOL) सर्जरी, जो बिना टांके की उन्नत तकनीक है और तब काम आती है जब आंख में प्राकृतिक कैप्सूलर सपोर्ट न हो या कमजोर हो; प्री-डेसिमेट्स एंडोथीलियल केराटोप्लास्टी (PDEK), जो बिना टांके की तकनीक से होने वाले कॉर्निया ट्रांसप्लांट में एक बड़ा कदम है; सिंगल-पास फोर-थ्रो (SFT) प्यूपिलो प्लास्टी, जो बड़ी या क्षतिग्रस्त पुतली को ठीक करने का सुरक्षित, बिना गांठ वाला तरीका है; पिनहोल प्यूपिलो प्लास्टी (PPP), जो बेहद अनियमित कॉर्निया वाले मरीजों की देखने की गुणवत्ता सुधारने के लिए बनी है; और कॉर्नियल एलोजेनिक इंट्रास्ट्रोमल रिंग सेगमेंट्स (CAIRS), जो केराटोकोनस और अन्य कॉर्नियल एक्टेसिया के इलाज में काम आती है।

Leave a Reply