नई दिल्ली – आज चिकित्सा विज्ञान ने सर्जरी के तरीकों को पहले से अधिक सुरक्षित और प्रभावी बना दिया है। इसी प्रगति का उदाहरण है रोबोटिक सर्जरी, जो जटिल ऑपरेशनों को भी आसान, सटीक और मरीज के लिए कम कष्टदायक बनाती है। डॉ. विकास कपूर, निदेशक एवं वरिष्ठ सलाहकार, लैप्रोस्कोपिक बैरिएट्रिक एवं मेटाबोलिक सर्जरी, लैप्रोस्कोपिक हर्निया सर्जरी, लैप्रोस्कोपिक हेपेटो-बिलियरी सर्जरी, नारायणा हॉस्पिटल गुरुग्राम ने आगे बताया कि इस तकनीक में सर्जन सीधे मरीज के शरीर को नहीं, बल्कि 3D इमेज कंसोल से रोबोटिक आर्म्स को नियंत्रित करता है। ये आर्म्स बेहद बारीक और स्थिर मूवमेंट कर सकती हैं, जिससे ऑपरेशन के दौरान आसपास के स्वस्थ टिश्यू को नुकसान नहीं पहुंचता। रोबोटिक सर्जरी को सुरक्षित और सटीक बनाने में हाई-डेफिनिशन 3D कैमरा महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इससे सर्जन को ऑपरेशन क्षेत्र का स्पष्ट और बड़ा दृश्य मिलता है। साथ ही, रोबोटिक सिस्टम हाथों के हल्के कंपन को भी फिल्टर कर देता है, जिससे हर कट और मूवमेंट नियंत्रित और सटीक होती है। यह तकनीक जटिल सर्जरी, जैसे कैंसर, यूरोलॉजी, स्त्री रोग, गॉलब्लैडर और हर्निया ऑपरेशन में बहुत उपयोगी साबित होती है।एक बड़ा लाभ यह है कि रोबोटिक सर्जरी में बड़े चीरे की बजाय केवल 0.8 सेमी के छोटे चीरे लगते हैं। इसके कारण दर्द कम होता है, खून का रिसाव घटता है और इंफेक्शन का खतरा भी कम होता है। शरीर को कम चोट लगने की वजह से मरीज जल्दी चलने-फिरने लगता है और अस्पताल में रहने का समय भी कम होता है। कई मामलों में मरीज कुछ ही दिनों में अपनी सामान्य दिनचर्या में लौट सकता है। कुल मिलाकर, रोबोटिक सर्जरी आधुनिक चिकित्सा की एक बड़ी उपलब्धि है। यह ज्यादा सुरक्षित, सटीक और मरीज के अनुकूल इलाज प्रदान करती है। कम दर्द, कम जटिलताएं और तेज रिकवरी इसे भविष्य की सर्जरी तकनीक के रूप में स्थापित करती हैं।डॉ. विकास कपूर, निदेशक एवं वरिष्ठ सलाहकार, लैप्रोस्कोपिक बैरिएट्रिक एवं मेटाबोलिक सर्जरी, लैप्रोस्कोपिक हर्निया सर्जरी, लैप्रोस्कोपिक हेपेटो-बिलियरी सर्जरी, नारायणा हॉस्पिटल गुरुग्राम ने कहा।

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