नई दिल्ली-देशभर के लाखों सेवानिवृत्त पेंशनरों के लिए EPS-95 के तहत उच्च पेंशन की लड़ाई लंबे समय से एक कठिन और थकाऊ संघर्ष रही है। अब इस संघर्ष में एक नई उम्मीद जगी है। देश के विभिन्न हिस्सों की पेंशनर संस्थाओं ने मिलकर नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ पेंशनर्स एसोसिएशन्स (NCPA) नामक एक राष्ट्रीय छत्र संगठन का गठन किया है। इसका उद्देश्य विशेष रूप से सितंबर 2014 के बाद सेवानिवृत्त हुए पेंशनरों को वास्तविक उच्च वेतन के आधार पर पेंशन दिलाने के लिए आंदोलन को एकजुट राष्ट्रीय आवाज देना है।यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब उच्च पेंशन का मुद्दा निर्णायक मोड़ पर है। वर्ष 2022 में माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद, EPFO विभिन्न आधारों पर उच्च पेंशन के आवेदनों को लगातार खारिज करता रहा है। नई परिसंघ का गठन मद्रास, कोलकाता, इलाहाबाद तथा हाल ही में कर्नाटक उच्च न्यायालय के महत्वपूर्ण फैसलों के बाद हुआ है। इसके बावजूद EPFO द्वारा न्यायालय के आदेशों को लागू करने में लगातार अनिच्छा दिखाई जा रही है।NCPA का कहना है कि वह बिखरे हुए प्रयासों को एक संगठित राष्ट्रीय आंदोलन में बदलने के लिए काम करेगा। इसके तहत EPFO कार्यालयों, ट्रस्टियों और नीति-निर्माताओं के समक्ष समन्वित प्रतिनिधित्व किया जाएगा। संगठन के नेतृत्व में SAIL, IOCL, BEML, MMTC, HMT, HAL, ITI, BEL, NAFED आदि संस्थानों से जुड़े प्रतिनिधि शामिल हैं। श्री बी. एन. अग्रवाल को अध्यक्ष, सुश्री अनुराधा रॉय को उपाध्यक्ष, लेफ्टिनेंट कर्नल सतीश चंद्र शर्मा (सेवानिवृत्त) को महासचिव तथा के. ए. नरसिम्हन को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।श्री बी. एन. अग्रवाल ने कहा,NCPA का गठन एक बड़ा और सकारात्मक कदम है। अब हम व्यक्तिगत संघर्षों से आगे बढ़कर एक सामूहिक शक्ति के रूप में काम करेंगे। एक मंच और एक उद्देश्य के साथ हम सभी संबंधित पक्षों से प्रभावी संवाद करेंगे ताकि प्रत्येक सेवानिवृत्त कर्मचारी को न्याय मिल सके।

Leave a Reply