नई दिल्ली – ओशो धाम में 25 से 27 सितंबर 2026 तक ओशो नियो संन्यास समारोह का आयोजन किया जाएगा। यह तीन दिवसीय आयोजन ध्यान, उत्सव और ओशो की आंतरिक परिवर्तन की दृष्टि को समझने पर केंद्रित होगा। 26 सितंबर को ओशो नियो संन्यास दिवस के रूप में मनाया जाएगा। कार्यक्रम का संचालन स्वामी चैतन्य कीर्ति करेंगे। इस अवसर पर ओशो धाम में मा देव अनंती (अलका सिंह) की विशेष पेंटिंग प्रदर्शनी ‘द डिवाइन विदिन’ भी आयोजित की जाएगी। प्रदर्शनी का उद्घाटन मा धर्म ज्योति और स्वामी चैतन्य कीर्ति करेंगे। इस प्रदर्शनी के माध्यम से ध्यान और आंतरिक शांति के अनुभव को रंगों, आकृतियों और कलात्मक अभिव्यक्तियों के जरिए प्रस्तुत किया गया है।प्रदर्शनी की मूल भावना इस विचार से जुड़ी है कि दिव्यता हमसे अलग या कहीं दूर नहीं है, बल्कि हमारे भीतर मौजूद एक अनुभव है। इसे मौन, ध्यान, प्रेम और साक्षी भाव के माध्यम से महसूस किया जा सकता है। मा देव अनंती अपनी पेंटिंग्स के जरिए इसी आंतरिक यात्रा को व्यक्त करती हैं यह यात्रा बाहर कुछ खोजने से शुरू होकर अपने भीतर मौजूद दिव्यता को पहचानने तक पहुंचती है।उनकी कला में ध्यान एक रचनात्मक अनुभव के रूप में दिखाई देता है, जहां रंग और आकृतियां उन भावनाओं और अनुभवों को व्यक्त करने का माध्यम बनती हैं, जिन्हें शब्दों में कहना हमेशा संभव नहीं होता। मा देव अनंती (अलका सिंह) ने कहा,ध्यान की शांति में मुझे उस उपस्थिति का अनुभव हुआ, जो कभी हमसे बाहर थी ही नहीं। ओशो ने हमें किसी दूर बैठे ईश्वर की ओर नहीं, बल्कि अपने भीतर देखने का रास्ता दिखाया। प्रेम, मौन और साक्षी भाव में उस दिव्यता का अनुभव हुआ। जब खोजने वाला स्वयं मिट जाता है, तब जो बचता है, वही वह उपस्थिति है। उसी में हमें यह सुंदर सत्य अनुभव होता है कि ‘मैं दिव्यता से अलग नहीं हूं। इस अवसर पर मा धर्म ज्योति ने कहा, “नियो संन्यास हमें अधिक जागरूकता, स्वतंत्रता और उत्सव के साथ जीवन जीने का निमंत्रण देता है। जब ध्यान जीवन का हिस्सा बन जाता है, तो रचनात्मकता अपने आप भीतर से प्रवाहित होने लगती है। स्वामी चैतन्य कीर्ति ने कहा, “कला और ध्यान उस जगह मिलते हैं, जहां शब्द मौन हो जाते हैं। ‘द डिवाइन विदिन’ इसी आंतरिक यात्रा की अभिव्यक्ति है, जहां रचनात्मकता व्यक्ति के अपने अस्तित्व को अनुभव करने का एक माध्यम बन जाती है। ओशो नियो संन्यास समारोह में प्रतिभागियों को ओशो के ध्यान, जागरूकता और सचेत जीवन जीने के दृष्टिकोण को समझने और अनुभव करने का अवसर मिलेगा। ओशो धाम पूरे वर्ष विभिन्न ध्यान कार्यक्रम आयोजित करता है और ध्यान तथा आंतरिक खोज के लिए लोगों को एक शांत वातावरण उपलब्ध कराने के लिए समर्पित है। तीन दिवसीय यह समारोह और इसके साथ आयोजित कला प्रदर्शनी ध्यान और रचनात्मकता को एक साथ लाने का प्रयास है। यह आयोजन लोगों को अपने भीतर देखने और इस संभावना को अनुभव करने के लिए आमंत्रित करता है कि दिव्यता कहीं बाहर नहीं, बल्कि हमारे अपने भीतर मौजूद है।
