नई दिल्ली – चातुर्मास के साथ ‘जीवदया वर्ष’ का भी शुभारंभ होगा। वर्षभर जीवदया, गोरक्षा, गौसेवा, अभयदान, पशु चिकित्सा सहायता, पक्षी एवं वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण तथा विभिन्न सेवा एवं जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य दिल्ली को ‘जीवदया नगरी’ के रूप में विकसित करना तथा समाज में करुणा, अहिंसा और सर्वजीव मैत्री की भावना को सुदृढ़ करना है। दिल्ली गुजराती श्वेताम्बर मूर्तिपूजक जैन संघ (रजि.) के तत्वावधान में आगामी 12 जुलाई 2026 (रविवार) को पूज्य अध्यात्मयोगी आचार्यदेव श्रीमद् विजय कलापूर्ण सूरीश्वर जी महाराज के पावन शिष्य मंडल का भव्य चातुर्मास प्रवेश महोत्सव श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह के साथ आयोजित किया जाएगा। चातुर्मास श्री दिल्ली गुजराती कुंथुनाथ ट्रस्ट (रजि.), जोन H-4/5, श्री आत्म वल्लभ विद्या मंदिर (जैन पाठशाला), श्री कल्याण पार्श्वनाथ जैन मंदिर मार्ग, परवाना रोड, पीतमपुरा, दिल्ली में संपन्न होगा। भारतीय आध्यात्मिक परंपरा में चातुर्मास आत्मकल्याण, तप, संयम, स्वाध्याय, अहिंसा और जीवदया का पावन पर्व माना जाता है। इस दौरान पूज्य गुरु भगवंत श्रद्धालुओं को धर्म, करुणा, आत्मसंयम और नैतिक जीवन मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा प्रदान करेंगे। पूज्य मुनिश्री तीर्थतारक विजयजी महाराज साहेब अपने प्रेरणादायी प्रवचनों तथा लगभग 1200 वर्ष प्राचीन दुर्लभ ज्योतिषीय परंपरा के आधार पर पारिवारिक, वैवाहिक, व्यवसायिक एवं व्यक्तिगत जीवन से जुड़ी समस्याओं पर आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। अनेक श्रद्धालुओं ने उनके मार्गदर्शन से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन और समाधान प्राप्त होने का अनुभव साझा किया है। 12 जुलाई को प्रातः 6:30 बजे नवकारसी, 7:45 बजे पुष्पांजलि एन्क्लेव, पीतमपुरा से भव्य शोभायात्रा, 9:00 बजे धर्मसभा एवं पूज्य गुरु भगवंतों के मंगल प्रवचन तथा 11:45 बजे संघ स्वामी वात्सल्य का आयोजन होगा। पूरे चातुर्मास में प्रवचन, भक्तामर तप, स्वाध्याय, संस्कार शिविर, बाल एवं युवा कार्यक्रम, आत्मविकास शिविर तथा विविध धार्मिक आराधनाएँ आयोजित की जाएंगी। श्रद्धालुओं को पूज्य मुनिश्री तीर्थनिर्वाण विजयजी महाराज, मुनिश्री तीर्थरत्न विजयजी महाराज, मुनिश्री तीर्थतारक विजयजी महाराज तथा मुनिश्री तीर्थसंयम विजयजी महाराज की पावन निश्रा प्राप्त होगी। संघ ने सभी धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से परिवार सहित इस पावन चातुर्मास में सहभागिता कर जिनवाणी का लाभ लेने का आग्रह किया है।

Leave a Reply