नई दिल्ली-डॉ. एस. सी. देब होमियो रिसर्च लेबोरेटरी प्राइवेट लिमिटेड ने नई दिल्ली स्थित द ललित होटल में अपना 26वाँ स्थापना दिवस अत्यंत भव्य एवं गरिमामय वातावरण में मनाया। इस अवसर पर देश-विदेश के प्रतिष्ठित होमियोपैथिक चिकित्सकों, नियामक संस्थाओं के विशिष्ट प्रतिनिधियाँ तथा अनेक गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति ने समारोह को विशेष गरिमा प्रदान की। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण गोवा के पूर्व राज्यपाल की गरिमामयी उपस्थिति रही। लगभग 300 अतिथियों की सहभागिता के साथ यह समारोह संस्था के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि सिद्ध हुआ। कोलकाता के साइंस सिटी में आयोजित रजत जयंती समारोह की अभूतपूर्व सफलता के बाद यह आयोजन संस्था की राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती प्रतिष्ठा का प्रतीक बना। संस्था के प्रबंध निदेशक श्री चंचल चन्द्र देब ने अपने संबोधन में कहा कि संस्था होमियोपैथी के प्रचार, अनुसंधान तथा जन-जागरूकता के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी। उन्होंने देश के सभी होमियोपैथिक औषधि निर्माताओं से उ‌द्योग के समग्र विकास हेतु मिलकर कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी कहा कि होमियोपैथी आज भी आम जनता के लिए एक सुलभ एवं प्रभावी चिकित्सा पद्धति है, और गुणवतापूर्ण औषधियों को किफायती मूल्य पर उपलब्ध कराना संस्था का प्रमुख उ‌द्देश्य सामाजिक उत्तरदायित्व के अंतर्गत संस्था हसन मिजान वेलफेयर ट्रस्ट, रामकृष्ण बालक आश्रम तथा अर्शीनगर जैसी विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के साथ मिलकर निरंतर मानव सेवा के कार्य कर रही है। हाल ही में संस्था नेडॉ. एस. सी. देब एंड नमिता देब वेलफेयर ट्रस्ट की भी स्थापना की है, जिससे सामाजिक सेवा के कार्यों को और व्यापक बनाया जा सके। संस्था की सफलता का आधार अनुसंधान-आधारित औषधि निर्माण तथा निरंतर नवाचार है। इसके प्रमुख उत्पाद रियूमालिन टैबलेट एवं रियूमालिन फोर्ट टैबलेट को चिकित्सकों के बीच व्यापक सराहना प्राप्त हुई है। होमियोपैथिक चिकित्सालयों के अतिरिक्त संस्था कॉलेजों, अस्पतालों तथा विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य विभागों को भी औषधियों की आपूर्ति करती है। साथ ही, आबकारी विभाग की देखरेख में होमियोपैथिक औषधियों के निर्माण में प्रयुक्त प्रमुख कच्चे माल एथाइल अल्कोहल की आपूर्ति भी संस्था की महत्वपूर्ण गतिविधियों में शामिल है। भविष्य की योजनाओं के अंतर्गत संस्था का लक्ष्य WHO-GMP प्रमाणन प्राप्त करना तथा स्वर्गीय डॉ. एस. सी. देबकी स्मृति में एक होमियोपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की स्थापना करना है, जिससे होमियोपैथी शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में दीर्घकालिक योगदान दिया जा सके।

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