नई दिल्ली – पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने सेफ्टी अप्लायंसेज़ मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के सहयोग से आगामी दो दिवसीय प्रदर्शनी एवं सम्मेलन यूएफएसईसी 2026 के कर्टेन रेज़र का आयोजन किया। मुख्य कार्यक्रम का आयोजन दो भागों में 10-11 जुलाई 2026 को हॉल नं.-1, इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, नॉलेज पार्क-2, ग्रेटर नोएडा (उत्तर प्रदेश) में सुबह 10:00 बजे से किया जाएगा। इस कर्टेन रेज़र कार्यक्रम में उद्योग जगत के अग्रणी विशेषज्ञों ने एक मंच पर एकत्र होकर भारत की अग्नि सुरक्षा तैयारियों को मजबूत बनाने, औद्योगिक दुर्घटनाओं तथा प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के उपायों पर विस्तार से चर्चा की। प्रवक्ताओं ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश और भारत के कई अन्य राज्यों में हाल ही में लगी आग की घटनाओं का भी ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि आग दुर्घटनाओं में होने वाले जान-माल के नुकसान को कम करने के लिए लोगों को इस बारे में जागरुक बनाना चाहिए कि वे आग से कैसे बच सकते हैं और आग लगने के मामले में जल्द से जल्द कैसे प्रतिक्रिया दे सकते हैं।कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले दिग्गजों श्री हेमंत सपरा, को-चेयरमैन, उत्तर प्रदेश स्टेट चैप्टर,पीएचडीसीसीआई एवं प्रमोटर, करम ग्रुप; डॉ. जतिंदर सिंह, उप महासचिव, पीएचडीसीसीआई, डॉ. एस. पी. गर्ग, सलाहकार, डीएसएस एवं पूर्व कार्यकारी निदेशक, गेल, श्री पी. के. गोस्वामी, उप निदेशक (आईएसएच), एनसीटी दिल्ली सरकार; श्री विक्की गुप्ता, उपाध्यक्ष, सेफ़्टी अप्लायंसेज मैन्युफ़ैक्चरर्स एसोसिएशन; तथा श्री कौशिक फुलोरिया, डिप्टी रेजिडेंट डायरेक्टर पीएचडीसीसीआई एवं अन्य गणमान्य दिग्गज शामिल रहे। 10-11 जुलाई 2026 को आयोजित होने वाली दो दिवसीय प्रदर्शनी एवं सम्मेलन के कर्टेन रेज़र के दौरान पीएचडीसीसीआई ने जानकारी दी कि इसमें 100 से अधिक प्रदर्शकों के भाग लेने की संभावना है। ये प्रदर्शक अग्नि सुरक्षा, औद्योगिक सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन से संबंधित अत्याधुनिक और सुरक्षा उत्पादों, एआई आधारित तकनीकों तथा आधुनिक समाधानों का प्रदर्शन करेंगे। यह प्रदर्शनी आम जनता के लिए निःशुल्क होगी। सम्मेलन में विशेषज्ञ पैनल चर्चाएँ एवं तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें उभरती सुरक्षा चुनौतियों तथा कार्यप्रणालियों पर विचार-विमर्श एवं जानकारी का आदान-प्रदान होगा।इस पहल का स्वागत करते हुए, पीएचडीसीसीआई में उत्तर प्रदेश स्टेट चैप्टर के को-चेयरमैन श्री हेमंत सपरा ने कहा, “आज का कर्टेन रेज़र प्रोग्राम सुरक्षा को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाने के हमारे सामूहिक संकल्प को दर्शाता है। यह प्रदर्शनी और कॉन्फ्रेंस सरकारी एजेंसियों, इंडस्ट्री लीडर्स, मैन्युफैक्चरर्स और सुरक्षा प्रोफेशनल्स को एक मंच पर लाएगी ताकि भारत के सुरक्षा इकोसिस्टम को मजबूत किया जा सके। आधुनिक सुरक्षा तकनीकों को प्रदर्शित करके और सार्थक बातचीत को बढ़ावा देकर, हमारा उद्देश्य सुरक्षित कार्यस्थल बनाना, तैयारी को बेहतर करना और उद्योग जगत की चुनौतियों को ऐसे व्यावहारिक समाधानों में बदलना है जो लोगों की जान बचा सकें।उद्योग जगत के मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम की ओर से बात करते हुए सेफ़्टी अप्लायंसेज मैन्युफ़ैक्चरर्स एसोसिएशन के वाइस प्रेसिडेंट श्री विक्की गुप्ता ने सुरक्षा प्रणाली को मज़बूत करने में इनोवेशन की भूमिका पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा, “सुरक्षा की शुरुआत जागरूकता से होती है। जानकारी साझा करने, इनोवेशन, प्रदर्शनियों और इंडस्ट्री के आपसी सहयोग के ज़रिए, हम लोगों और संगठनों को इस योग्य बनाना चाहते हैं कि वे दुर्घटनाओं को रोक सकें, आपदाओं का प्रभावी तरीके से सामना कर सकें और कार्यस्थल पर सुरक्षित तरीके अपना सकें। जागरूकता बढ़ने के साथ भारत की सुरक्षा प्रणाली भी मज़बूत होगी। इससे इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा, मैन्युफैक्चरिंग क्षमताएँ बढ़ेंगी और तैयारी व बचाव की संस्कृति के द्वारा लोगों को सुरक्षित रखा जा सकेगा।डीएसएस के एडवाइज़र और गेल के पूर्व एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. एस. पी. गर्ग ने कहा,ओद्यौगिक सुरक्षा एक नए दौर में प्रवेश कर रही है, जहाँ टेक्नोलॉजी, पॉलिसी और सहयोग को मिलकर काम करना होगा। एआई, ड्रोन, सुरक्षा के आधुनिक मानकों और ऑक्यूपेशनल सेफ्टी एंड हेल्थ कोड का इस्तेमाल करके, तथा शिक्षा से लेकर उद्योग जगत तक सुरक्षा को प्राथमिकता देने वाली सोच को बढ़ावा देकर, हम ऐसी संस्कृति बनाना चाहते हैं जहां सुरक्षा हर व्यक्ति की स्वाभाविक आदत बन जाए। इस पहल के व्यापक महत्व पर प्रकाश डालते हुए, पीएचडीसीसीआई के डिप्टी सेक्रेटरी जनरल डॉ. जतिंदर सिंह ने कहा, “आज का कर्टेन रेज़र प्रोग्राम सरकार, उद्योग और विशेषज्ञों के बीच आपसी सहयोग के महत्व पर चर्चा का मौका देता है। यह आने वाली कॉन्फ्रेंस के लिए मानक तय करता है, जो जानकारी न साझा करने और नीतियों पर चर्चा के लिए महत्वपूर्ण मंच साबित होगी।यह कॉन्फ्रेंस तीन मुख्य विषयों पर केंद्रित होगाः अग्नि सुरक्षा, ओद्यौगिक सुरक्षा और आपदा प्रबन्धन। इन विषयों में बचाव के उपाय, व्यवसायिक सुरक्षा, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशंस कोड को लागू करना, आपदा प्रतिक्रिया, आपदा से निपटने की क्षमता और जोखिम कम करने में नई टेक्नोलॉजी की भूमिका जैसे विषय शामिल किए जाएंगे। इस पहल को राष्ट्रीय आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण (भारत सरकार), श्रम विभाग (उत्तर प्रदेश सरकार), फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज (उत्तर प्रदेश सरकार), उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, इन्वेस्ट यूपी और उद्योग विभाग (उत्तर प्रदेश सरकार) का समर्थन प्राप्त है। कर्टेन रेज़र के दौरान सेफ़्टी अप्लायंसेज मैन्युफ़ैक्चरर्स एसोसिएशन और पीएचडीसीसीआई ने सुरक्षा उपायों के लिए अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। यह आयोजन देश भर में जागरूकता, तैयारी और सुरक्षा के विश्व-स्तरीय तरीकों को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम साबित हुआ।
